अटलांटा। फीफा विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना से 2-1 की हार के बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने कहा कि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि यह उनका आखिरी विश्व कप था या नहीं। उन्होंने स्वीकार किया कि बड़े टूर्नामेंटों में इंग्लैंड की टीम एक बार फिर वही गलतियां दोहराती नजर आई।
इंग्लैंड ने 55वें मिनट में एंथनी गॉर्डन के गोल से बढ़त बनाई थी, लेकिन इसके बाद टीम रक्षात्मक हो गई। अर्जेंटीना ने 85वें मिनट में एंजो फर्नांडेज़ के गोल से बराबरी की और इंजरी टाइम में लाउटारो मार्टिनेज़ ने लियोनेल मेसी के क्रॉस पर विजयी गोल कर टीम को फाइनल में पहुंचा दिया।
हार की वजह बताई
मैच के बाद हैरी केन ने कहा कि करीब 60 मिनट तक इंग्लैंड ने मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखा, लेकिन बढ़त मिलने के बाद टीम गेंद पर पकड़ और दबाव बनाए रखने में नाकाम रही। उन्होंने कहा कि अर्जेंटीना को लगातार आक्रमण करने का मौका मिला और उसने इसका पूरा फायदा उठाया।
केन ने माना कि एक गोल की बढ़त बचाने की मानसिकता टीम पर हावी हो गई। उन्होंने कहा कि टीम को मैच का विश्लेषण करना होगा ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बेहतर तरीके से निपटा जा सके। उनके अनुसार, पिछले चार बड़े टूर्नामेंटों में यही इंग्लैंड की सबसे बड़ी कमजोरी रही है।
विश्व कप भविष्य पर क्या बोले केन
अगला विश्व कप होने तक हैरी केन 36 वर्ष के हो जाएंगे। हालांकि उन्होंने अपने भविष्य को लेकर कोई फैसला लेने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वह हर साल के हिसाब से आगे बढ़ते हैं और राष्ट्रीय टीम के लिए खेलना उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है।
केन ने कहा कि अभी अगले विश्व कप में चार साल का समय है। उन्होंने लियोनेल मेसी का उदाहरण देते हुए कहा कि उम्र सफलता की बाधा नहीं होती और वह अपने करियर की कोई समय सीमा तय नहीं करना चाहते। फिलहाल उनका पूरा ध्यान इस हार से उबरने पर है।
डैन बर्न ने भी मानी टीम की चूक
इंग्लैंड के डिफेंडर डैन बर्न ने भी स्वीकार किया कि बढ़त मिलने के बाद टीम जरूरत से ज्यादा रक्षात्मक हो गई थी। उन्होंने कहा कि अर्जेंटीना जैसी मजबूत टीम को लगातार मौके देना भारी पड़ गया और अंत में इंग्लैंड को इसकी कीमत चुकानी पड़ी।
अब इंग्लैंड शनिवार को तीसरे स्थान के मुकाबले में फ्रांस से भिड़ेगा, जबकि अर्जेंटीना रविवार को स्पेन के खिलाफ विश्व कप 2026 का फाइनल खेलेगा।
