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Thursday, July 16, 2026

बीआईटी मेसरा में एनवीडिया आधारित उत्कृष्टता केंद्र की घोषणा, एआई अनुसंधान को मिलेगा नया बल

रांची। बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी) मेसरा ने बुधवार को अपना 72वां स्थापना दिवस उत्साह के साथ मनाया। समारोह में संस्थान के नेतृत्व, पूर्व छात्रों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। इस अवसर पर संस्थान की सात दशक से अधिक की शैक्षणिक यात्रा और देश में तकनीकी शिक्षा व अनुसंधान में उसके योगदान पर चर्चा हुई।

कार्यक्रम में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि रहे। वहीं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भुवनेश्वर के निदेशक प्रो. एस. करमलकर और टेगा इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मदन मोहनका विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

एआई और उन्नत कंप्यूटिंग के लिए बनेगा उत्कृष्टता केंद्र

स्थापना दिवस पर बीआईटी मेसरा ने अनुसंधान और उन्नत संगणन क्षमता को मजबूत करने के लिए एनवीडिया आधारित उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। यह केंद्र उच्च क्षमता वाले जीपीयू आधारित संगणन की सुविधा उपलब्ध कराएगा।

इसका उपयोग कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा विज्ञान, रोबोटिक्स, अति विशाल एकीकृत परिपथ तकनीक, औषधि खोज, सटीक कृषि, अर्धचालक प्रौद्योगिकी समेत कई उभरते क्षेत्रों में अनुसंधान, प्रशिक्षण और उद्योगों के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए किया जाएगा।

संस्थान के अनुसार, केंद्र में एनवीडिया बी-200 जीपीयू से लैस आठ उच्च क्षमता वाले संगणन तंत्र स्थापित किए जाएंगे। अधिकृत उपयोगकर्ता सार्वजनिक आईपी आधारित सुविधा के माध्यम से इन संसाधनों का उपयोग कर सकेंगे। इससे शिक्षकों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों, नवाचार आधारित उद्यमों और उद्योग जगत को अत्याधुनिक संगणन सुविधा मिलेगी।

देश के लिए तैयार होंगे भविष्य के तकनीकी विशेषज्ञ

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि बीआईटी मेसरा ने अकादमिक उत्कृष्टता और नवाचार के बल पर देश की तकनीकी प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि यह उत्कृष्टता केंद्र झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के छात्रों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के लिए नए अवसर पैदा करेगा तथा भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करेगा।

बीआईटी मेसरा के कुलाधिपति सी.के. बिरला ने कहा कि संस्थान की स्थापना ज्ञान, अनुशासन और नवाचार के माध्यम से समाज की सेवा के उद्देश्य से हुई थी। उन्होंने विश्वास जताया कि नया उत्कृष्टता केंद्र अनुसंधान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा और विद्यार्थियों व शिक्षकों को अत्याधुनिक तकनीकों पर कार्य करने का अवसर देगा।

कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना ने कहा कि यह केंद्र इंजीनियरिंग, विज्ञान और अनुप्रयुक्त अनुसंधान के विभिन्न क्षेत्रों के बीच समन्वय बढ़ाने के साथ उद्योग, नवाचार आधारित उद्यमों और राष्ट्रीय अभियानों के साथ सहयोग को भी नई दिशा देगा।

शिक्षकों और पूर्व छात्रों का हुआ सम्मान

स्थापना दिवस समारोह में शिक्षा, अनुसंधान, उद्योग, प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों और पूर्व छात्रों को सम्मानित किया गया।

वर्ष 2026 के विशिष्ट शिक्षक सम्मान मरणोपरांत प्रो. जी.बी. पंत, प्रो. उत्पल बाउल और प्रो. बी.एन. दास को प्रदान किए गए। वहीं विशिष्ट पूर्व छात्र सम्मान के तहत अश्विनी कुमार तिवारी, राजेश शर्मा और विक्रम कुमार को कॉर्पोरेट, उद्योग, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

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