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Tuesday, July 14, 2026

पीएम मोदी का मंत्र: समावेशी विकास और राष्ट्र निर्माण के लिए साझा किया यह प्रसिद्ध श्लोक

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के समावेशी विकास और राष्ट्र निर्माण में हर नागरिक की भागीदारी के महत्व को रेखांकित करने के लिए नीतिशास्त्र के एक प्रसिद्ध श्लोक का सहारा लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर सुभाषितम् के माध्यम से जन प्रतिनिधियों और देशवासियों को उनके कर्तव्यों की याद दिलाई है। पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया है कि जब चौतरफा विकास के साथ समाज के हर वर्ग के जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है, तभी राष्ट्र निर्माण का सपना सच होता है।

महिलाओं के कल्याण और युवाओं की सुरक्षा का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर श्लोक को उद्धृत करते हुए लिखा, “’कन्यानां सम्प्रदानञ्च कुमाराणाञ्च रक्षणम्। राष्ट्रस्य सङ्ग्रहे नित्यं विधानमिदमाचरेत्॥’” इस श्लोक का अर्थ समझाते हुए उन्होंने बताया कि महिलाओं का कल्याण सुनिश्चित करना, युवा पीढ़ी की रक्षा और उनका पोषण करना हर जन प्रतिनिधि का निरंतर कर्तव्य है। इसके साथ ही राष्ट्र की एकता, सुरक्षा, समृद्धि और सुचारु शासन के लिए हमेशा आवश्यक और उचित व्यवस्था करना भी शासन के मूल सिद्धांतों में शामिल है।

सकारात्मक बदलाव से ही देश की प्रगति को मिलेगी नई गति

प्रधानमंत्री ने सुभाषितम के गहरे अर्थ को देश के विकास से जोड़ते हुए कहा कि जब चौतरफा विकास के माध्यम से हर देशवासी के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित होता है, तब राष्ट्र की प्रगति भी एक नई गति पकड़ती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसी प्रेरक भावना के साथ सरकार भारत की दृढ़ता, एकता और समृद्धि को निरंतर प्राथमिकता दे रही है। यह श्लोक आज के समय में देश को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा नीतिगत संदेश देता है।

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