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Wednesday, August 12, 2026

सुस्ता सीमा क्षेत्र में नेपाल ने बढ़ाई सुरक्षा: भारतीय पक्ष ने जताई चिंता, नेपाल बोला- ‘दौरा आपदा प्रबंधन के लिए था’

काठमांडू। नेपाल सरकार ने भारत से सटे पश्चिम नवलपरासी जिले में नारायणी नदी के पार स्थित विवादित सीमावर्ती क्षेत्र सुस्ता में अचानक अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। नेपाल के गृह मंत्रालय के निर्देश पर सीमा पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है, जिस पर भारतीय पक्ष ने औपचारिक रूप से अपनी चिंता और आपत्ति दर्ज कराई है। हालांकि, नेपाल ने इस सैन्य हलचल को मानसून और संभावित बाढ़ आपदा के अध्ययन से जुड़ा हुआ बताया है।

सुस्ता में अचानक बढ़ी सैन्य हलचल

गृह मंत्रालय के आदेश के बाद सुस्ता सीमा पर तैनात सशस्त्र पुलिस बल (APF) के जवानों की संख्या 25 से बढ़ाकर 40 कर दी गई है। इसके तुरंत बाद नेपाली सेना के ब्रिगेडियर जनरल यम बहादुर अधिकारी के नेतृत्व में सेना की एक उच्चस्तरीय टीम भी सुस्ता पहुंची। इस सैन्य दौरे के ठीक बाद सशस्त्र पुलिस बल के अतिरिक्त महानिरीक्षक अञ्जनी पोखरेल ने भी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इतनी कम अवधि में बड़े सैन्य अधिकारियों के दौरों और सुरक्षाबलों की संख्या बढ़ाए जाने से सीमा पर तनाव की स्थिति बन गई है।

सादे लिबास में पहुंचे सैन्य अधिकारी, एसएसबी ने उठाए सवाल

नेपाली सेना के वरिष्ठ अधिकारी सुस्ता में बिना वर्दी (सादे लिबास) के पहुंचे थे, जिसकी पूर्व सूचना स्थानीय भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को भी नहीं थी। जैसे ही नेपाली सेना के जवान वहां पहुंचे, भारतीय सीमा सुरक्षा बल (SSB) के अधिकारियों ने उनकी मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए उनसे पूछताछ की। इसके बाद भारतीय पक्ष ने नेपाल सरकार से औपचारिक रूप से जानकारी मांगी कि जनरल यमबहादुर अधिकारी के नेतृत्व वाली टीम अचानक सुस्ता क्यों गई थी। इसके जवाब में नेपाल के विदेश मंत्रालय ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि सेना की टीम केवल मानसून और संभावित प्राकृतिक आपदा के जोखिमों का अध्ययन करने वहां गई थी, इसका सीमा विवाद से कोई लेना-देना नहीं है।

निर्माणाधीन तटबंध पर हस्तक्षेप के बाद बढ़ा तनाव

इस सुरक्षा वृद्धि की मुख्य वजह सुस्ता क्षेत्र में चल रहा तटबंध निर्माण कार्य माना जा रहा है। करीब डेढ़ महीने पहले, भारत की सीमा सुरक्षा बल (SSB) ने निर्माणाधीन तटबंध के पूर्वी हिस्से में पहुंचकर काम रोकने के लिए कहा था। भारत के इस हस्तक्षेप के बाद ही नेपाल सरकार ने सुस्ता में सशस्त्र पुलिस बल की मुस्तैदी बढ़ाने का फैसला किया। हालांकि, स्थानीय जिला प्रशासन और नेपाली सेना के प्रवक्ता सहायक रथी राजाराम बस्नेत ने लगातार यही दावा किया है कि सेना की टीम देशभर में आपदा जोखिमों का आकलन कर रही है और सुस्ता का दौरा भी इसी गैर-सैन्य उद्देश्य से किया गया था।

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