पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) । विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से मंगलवार को सदर अस्पताल परिसर स्थित नर्सिंग कौशल कॉलेज में ‘परिवार स्वास्थ्य मेला’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिले के उपायुक्त (डीसी) मनीष कुमार ने परिवार नियोजन को एक स्वस्थ और सशक्त समाज की बुनियादी नींव बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों के बीच उचित अंतराल रखने से न केवल मां और शिशु का स्वास्थ्य बेहतर रहता है, बल्कि परिवार आर्थिक और सामाजिक रूप से भी मजबूत होता है।
“जब बच्चों में सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल”
उपायुक्त मनीष कुमार ने वर्ष 2026 के लिए निर्धारित राष्ट्रीय थीम “जब बच्चों में सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक नारा नहीं है, बल्कि देश और समाज के कल्याण का मुख्य आधार है।
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जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा: उपायुक्त ने जानकारी दी कि इसी थीम के तहत पूरे जिले में 11 जुलाई से 10 अगस्त 2026 तक विशेष ‘जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा’ चलाया जा रहा है।
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जागरूकता अभियान: इस एक महीने के दौरान सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक व्यापक जागरूकता अभियान, विशेष स्वास्थ्य शिविर, परामर्श सत्र (Counseling Sessions) और विभिन्न जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि लोग स्वास्थ्य विभाग की सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
मेले में दी गई स्थायी व अस्थायी साधनों की जानकारी
सदर अस्पताल के नर्सिंग कौशल कॉलेज में आयोजित इस परिवार स्वास्थ्य मेले में आम लोगों और दंपतियों की भारी भीड़ उमड़ी। मेले में स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा लोगों को परिवार नियोजन के विभिन्न स्थायी और अस्थायी साधनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा छोटे परिवार के महत्व को लेकर दंपतियों को विशेष परामर्श दिया गया।
इस मौके पर जिले के सिविल सर्जन ने भी विश्व जनसंख्या दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या की वैश्विक चुनौतियों का सामना केवल जनजागरूकता और स्वेच्छा से परिवार नियोजन अपनाने से ही किया जा सकता है। उन्होंने सभी से छोटे और स्वस्थ परिवार की अवधारणा को अपने जीवन में उतारने की अपील की।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मी सम्मानित
कार्यक्रम के समापन सत्र में उपायुक्त मनीष कुमार ने ‘फैमिली प्लानिंग’ (Family Planning) और ‘मिशन उदय 2.0’ के तहत जिले में उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य करने वाले डॉक्टर, एएनएम (ANM), सहिया और स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों के प्रयासों की सराहना करते हुए आगे भी इसी सेवा भावना से काम करने के लिए प्रेरित किया। इस गरिमामयी समारोह में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी, चिकित्सक, नर्सिंग कौशल कॉलेज के प्राचार्य, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।
