वॉशिंगटन/बेरूत। इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच संघर्ष विराम (सीजफायर) समझौते को अमलीजामा पहनाने के लिए अमेरिका बड़ी भूमिका निभाने की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जल्द ही लेबनान की राजधानी बेरूत का दौरा कर सकता है। यह यात्रा अगले सप्ताह रोम में होने वाली इज़राइल-लेबनान तकनीकी वार्ता से ठीक पहले होने की उम्मीद है, जहां दोनों पक्षों के बीच जमीनी रणनीतियों पर चर्चा होगी।
इज़राइली सेना की वापसी पर होगा फोकस
इस अमेरिकी मिशन का मुख्य उद्देश्य 26 जून को हुए अमेरिका समर्थित फ्रेमवर्क समझौते को पूरी तरह लागू कराना है। इस समझौते के तहत लेबनानी सीमा के भीतर से इज़राइली सेना की चरणबद्ध तरीके से वापसी का खाका तैयार किया गया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने पुष्टि की है कि यह समझौता अब क्रियान्वयन के चरण में पहुंच चुका है, और जल्द ही पहले ‘पायलट जोन’ की शुरुआत होगी। इसके साथ ही अमेरिका लेबनान सरकार को उसकी संप्रभुता बहाल करने में भी मदद करेगा।
हमलों में अब तक 4300 से ज्यादा मौतें
एक तरफ जहां शांति बहाली की कोशिशें तेज हैं, वहीं दूसरी तरफ युद्ध की विभीषिका के आंकड़े भी डराने वाले हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इज़राइली हमलों में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 4,321 हो चुका है, जबकि 12,000 से अधिक लोग घायल हैं। बता दें कि हालिया सैन्य अभियानों के दौरान इज़राइली सैनिक लेबनानी सीमा के भीतर करीब 10 किलोमीटर तक घुस गए थे, जिन्हें अब पीछे हटाने की कवायद शुरू हो रही है।
