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Wednesday, July 8, 2026

झारखंड नवाचार आधारित प्रौद्योगिकी विकास का अग्रणी राज्य बनेगा : हेमन्त सोरेन

रांची। झारखंड सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सुशासन और डिजिटल परिवर्तन को गति देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (बी-टू-जी) बैठक में दुनिया की अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनियों ने राज्य के साथ दीर्घकालिक साझेदारी में रुचि दिखाई। बैठक का आयोजन विजन-2050 राष्ट्रीय हितधारक परामर्श के तहत किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड केवल प्राकृतिक संसाधनों के लिए नहीं, बल्कि नवाचार आधारित प्रौद्योगिकी विकास के लिए भी अपनी नई पहचान बनाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तकनीकी नवाचारों को अपनाने तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सुशासन को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। झारखंड अपनी पारंपरिक ज्ञान-संपदा और स्थानीय बुद्धिमत्ता को आधुनिक प्रौद्योगिकी के साथ जोड़कर समावेशी विकास का नया मॉडल तैयार करेगा।

वैश्विक कंपनियों ने दिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव

बैठक में गूगल, ओरेकल, माइक्रोसॉफ्ट, आईबीएम, एडब्ल्यूएस, सेल्सफोर्स, टेकस्टार, लिया एआई और मैमसिस सहित कई प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी कंपनियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल अवसंरचना, क्लाउड प्रौद्योगिकी, कौशल विकास और नागरिक-केंद्रित सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।

गूगल के प्रतिनिधियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सुशासन, स्मार्ट स्वास्थ्य सेवाओं, आपातकालीन सेवा प्रबंधन, भाषा आधारित एआई समाधान और डिजिटल कौशल विकास पर सहयोग का प्रस्ताव रखा। कंपनी ने राज्य के तीन से चार लाख के-12 शिक्षकों के लिए तीन माह का कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रशिक्षण एवं प्रमाणन कार्यक्रम संचालित करने की इच्छा जताई। साथ ही झारखंड सरकार के साथ स्टेटमेंट ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर करने तथा एआई आधारित एम्बुलेंस प्रबंधन और एकीकृत स्वास्थ्य मंच विकसित करने का सुझाव दिया।

ओरेकल ने एआई, क्लाउड और डिजिटल कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने के लिए उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण, प्रमाणन, कार्यबल विकास और नवाचार कार्यक्रमों में सहयोग की पेशकश की।

माइक्रोसॉफ्ट ने सभी सरकारी विभागों के आंकड़ों को एकीकृत करने वाले एआई संचालित डेटा इंटेलिजेंस मंच के निर्माण का प्रस्ताव रखा, जिससे साक्ष्य आधारित निर्णय, विभागीय प्रक्रियाओं का स्वचालन और डेटा प्रबंधन को मजबूत किया जा सके। इसके अलावा लो-कोड मंच के माध्यम से सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण को गति देने पर भी चर्चा हुई।

आईबीएम ने खनन, स्वास्थ्य, बैंकिंग और साइबर सुरक्षा क्षेत्रों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित समाधान प्रस्तुत किए। कंपनी ने बुद्धिमान डेटा विश्लेषण, खनन निगरानी, सुरक्षित डेटा साझाकरण और राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप एआई समाधान विकसित करने के लिए नि:शुल्क प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया।

एडब्ल्यूएस ने सुरक्षित क्लाउड अवसंरचना, एआई आधारित डेटा एकीकरण, डिजिटल सुशासन, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, शिक्षा तथा केंद्रीकृत निर्णय सहायता डैशबोर्ड विकसित करने के साथ-साथ एआई आधारित सुशासन समाधानों के लिए नि:शुल्क प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट की पेशकश की। वहीं सेल्स आधारित सेवाओं के प्रतिनिधियों के साथ एआई आधारित विश्लेषण, हाइब्रिड क्लाउड, साइबर सुरक्षा, डेटा मंच और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने पर विचार-विमर्श हुआ।

डिजिटल झारखंड की दिशा में मजबूत पहल

बैठक के दौरान मुख्य सचिव अविनाश कुमार और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न कंपनियों के सुझावों और प्रश्नों पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर यह स्पष्ट हुआ कि वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियां झारखंड के साथ दीर्घकालिक साझेदारी के लिए उत्साहित हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य नवाचार, डिजिटल अवसंरचना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सुशासन और कौशल विकास के माध्यम से झारखंड को देश का अग्रणी डिजिटल और निवेश गंतव्य बनाना है।

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