नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान स्थित आतंकी शाहजाद भट्टी के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पंजाब से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के अनुसार एक मॉड्यूल दिल्ली में किसी महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठान या पुलिस स्थापना पर पेट्रोल बम से हमला करने की साजिश रच रहा था, जबकि दूसरा मॉड्यूल पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजे गए हथियारों की तस्करी में शामिल था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन पेट्रोल बम, तीन अत्याधुनिक पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, दो कारें, एक चोरी की मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन तथा पाकिस्तानी हैंडलरों के साथ हुई बातचीत के डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं।
आईएसआई से जुड़े हैंडलरों के संपर्क में थे आरोपी
स्पेशल सेल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि कार्रवाई स्पेशल सेल की नॉर्दर्न रेंज की टीम ने डीसीपी प्रवीण त्रिपाठी की निगरानी में की। दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत स्पेशल सेल थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
जांच में सामने आया कि पहला मॉड्यूल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े हैंडलर राना हुनैन के निर्देश पर काम कर रहा था, जिसे शाहजाद भट्टी का करीबी सहयोगी बताया गया है। इस मॉड्यूल का उद्देश्य दिल्ली में संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठानों और पुलिस ठिकानों की रेकी कर पेट्रोल बम से हमला करना था।
स्पेशल सेल ने विजय घाट इलाके से मुजफ्फरनगर निवासी दानिश उर्फ चांद मियां (24) और सलमान (20) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दानिश ने बताया कि अप्रैल 2026 में सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी पहचान राना हुनैन से हुई थी। उसे हमला करने के बदले 20 हजार रुपये देने का वादा किया गया था। सलमान को हमले का वीडियो बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और उसे भी इतनी ही रकम देने की बात कही गई थी।
ड्रोन से हथियार भेजकर दिल्ली-यूपी में हो रही थी सप्लाई
जांच में दूसरे मॉड्यूल का भी खुलासा हुआ, जो पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब सीमा पर गिराए गए हथियारों की तस्करी कर रहा था। इस नेटवर्क का संचालन आईएसआई से जुड़े हसन गुज्जर द्वारा किए जाने का दावा पुलिस ने किया है। इन हथियारों की बिक्री से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल भारत में आतंकी और आपराधिक गतिविधियों को फंड करने के लिए किया जाना था।
इस मामले में कालिंदी कुंज क्षेत्र से शाहीन बाग निवासी तैय्यब, गाजियाबाद के मोदीनगर निवासी जुबैर खान और मेरठ के लिसाड़ी गेट निवासी अली फजल को गिरफ्तार किया गया। बाद में पंजाब के अमृतसर के कोहाला गांव से मलकीत सिंह को भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, तैय्यब की सोशल मीडिया के जरिए हसन गुज्जर से पहचान हुई थी। उसके निर्देश पर जुबैर खान अमृतसर से हथियारों की खेप लेकर आया, जिसे बाद में अली फजल को दिल्ली और उत्तर प्रदेश में सप्लाई के लिए सौंपा गया। जांच में यह भी सामने आया कि अली फजल के खिलाफ वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज हो चुका है, जबकि मलकीत सिंह पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजे गए हथियारों की खेप प्राप्त कर नेटवर्क तक पहुंचाने का काम करता था।
फिलहाल स्पेशल सेल पूरे नेटवर्क, पाकिस्तानी हैंडलरों और भारत में मौजूद अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है।
