केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच महंगाई भत्ता (DA) / महंगाई राहत (DR) की दूसरी किस्त की घोषणा में देरी के कारण भारी असंतोष फैल गया है। कई दशकों से यह प्रथा है कि जुलाई-दिसंबर के लिए DA / DR की घोषणा सितंबर माह के अंतिम सप्ताह तक हो जाती है, और तीन महीने का बकाया पहले सप्ताह अक्टूबर में दिया जाता है। लेकिन इस बार यह वक्त पर नहीं हुआ।
कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइीज एंड वर्कर्स ने इस देरी को लेकर गंभीर नाराज़गी व्यक्त की है और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। इस पत्र में कहा गया है कि 01 जुलाई 2025 से लागू DA / DR की किश्त अभी तक अधिसूचित नहीं की गई है, जिससे कर्मचारियों और पेंशनर्स को वित्तीय दबाव झेलना पड़ रहा है।
यूनियन ने यह भी सुझाव दिया है कि इस अवसर पर प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) और अद hoc बोनस की घोषणाएँ भी साथ में की जाएँ ताकि त्योहारों के समय कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत मिल सके।
इस देरी को लेकर “गंभीर असंतोष” की भावना है — कर्मचारियों और पेंशनर्स का कहना है कि महंगाई बढ़ती जा रही है और वे समय पर राहत की उम्मीद कर रहे थे।
इन हालातों में केंद्र सरकार पर दबाव है कि वह जल्दी से जल्दी DA / DR की अधिसूचना जारी करे और बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित करे।


