28 C
Kolkata
Thursday, May 14, 2026

पलामू के 780 परिवारों को मिलेगा 15 लाख रुपए और 1 एकड़ जमीन — झारखंड कैबिनेट ने दी मंजूरी

झारखण्ड सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पलामू जिले के 780 परिवारों को प्रति परिवार 15 लाख रुपए नकद और 1 एकड़ जमीन देने की घोषणा की है। यह योजना विशेष रूप से उन परिवारों के लिए है, जो पलामू व्याघ्र अभ्यारण्य के कोर क्षेत्र में बसे सात गांवों में रहते हैं और जिनका पुनर्वास आवश्यक है।

योजना की मुख्य बातें

  • ये सात गांव व्याघ्र आरक्षित कोर क्षेत्र में स्थित हैं, जिनमें पुनर्वास की ज़रूरत मानी गई है।

  • प्रत्येक परिवार को 15 लाख रुपए नकद सहायता के साथ-साथ 1 एकड़ भूमि प्रदान की जाएगी।

  • इस प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति दे दी है।

  • झारखण्ड सरकार पहले भी देश के विभिन्न टाइगर रिजर्व कोर क्षेत्रों में बसे 600 से अधिक गांवों का पुनर्वास कर चुकी है।

  • पलामू व्याघ्र आरक्ष में कुल 35 गांव शामिल हैं, और वर्तमान में पुनर्वास से जुड़े अन्य कार्य पहले से चले आ रहे हैं।

  • उदाहरणस्वरूप, दक्षिणी प्रभाग के कोर क्षेत्र में लाटू, कुजरूम और जयगीर गांवों के 270 परिवारों को पुनर्वास प्रक्रिया में शामिल किया गया है।

अन्य सम्बद्ध प्रस्ताव

  • सरकार ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों और अन्य आवासीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षिकाओं एवं कर्मियों के मानदेय में 4% की वृद्धि करने की भी मंजूरी दी है।

  • इसके अतिरिक्त, राजकीय पॉलिटेकनिक, रांची का आधुनिकीकरण और नई इमारतों के निर्माण के लिए भारी आर्थिक स्वीकृति दी गई है।

  • पांच जिलों (चतरा, रांची, जमशेदपुर, खूंटी और हजारीबाग) में एनडीपीएस थाना गठन को भी मंजूरी मिली है, विशेषकर उन जिलों में जहाँ अफीम और नशीले पदार्थों का प्रभाव अधिक है।

  • झारखण्ड में निजी सुरक्षा एजेंसियों को लाइसेंस देने की प्रक्रिया को भी संशोधित किया गया है।

  • जमशेदपुर में एक अस्पताल परिसर के एक हिस्से के गिरने से हुई दुर्घटना में मृतक और घायल व्यक्तियों को मुआवजा राशि देने की सुविधा भी सरकार ने स्वीकृत की है।

  • राज्य के विद्युत नेटवर्क और ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण एवं उन्नयन के लिए भी बड़े पैमाने पर बजटीय स्वीकृति दी गई है।

यह कदम राज्य सरकार की यह मंशा दर्शाता है कि वे उन परिवारों की पुनर्वास प्रक्रिया को न सिर्फ तेज करना चाहते हैं, बल्कि उन्हें वित्तीय और भू-सम्बंधी सहायता भी देना चाहते हैं, ताकि उनकी जीवन स्थिति बेहतर हो सके।

Related Articles

नवीनतम लेख