रांची। फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म उप समिति की बैठक में उद्योग, व्यापार और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे गए। चैंबर का मानना है कि इन पहलों से राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और व्यापारिक वातावरण अधिक अनुकूल बनेगा।
प्लग-एन-प्ले और नो लाइसेंस नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
बैठक में चैंबर ने केंद्र सरकार की उद्योगों के लिए प्रस्तावित प्लग-एन-प्ले योजना को शीघ्र लागू करने की मांग की। समिति का कहना है कि इससे उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया सरल, तेज और निवेशक-अनुकूल बनेगी। इसके साथ ही झारखंड में घोषित उद्योग एवं व्यापार नो लाइसेंस नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि उद्यमियों को अनावश्यक अनुमतियों और प्रक्रियाओं से राहत मिल सके।
समिति ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और बेहतर बनाने के लिए नई एवं व्यावहारिक पहल करने तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने का सुझाव भी दिया।
आधुनिक तकनीक से मजबूत हो कानून-व्यवस्था
बैठक में पुलिस सुधार और आधुनिक तकनीक आधारित कानून-व्यवस्था व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। चैंबर ने सुझाव दिया कि अपराधियों की पहचान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सीसीटीवी फुटेज से प्राप्त तस्वीरों का आधार कार्ड के फोटो डाटाबेस से मिलान करने की सुविधा विकसित की जाए। इसके लिए आवश्यक कानूनी अनुमति और नीतिगत ढांचा तैयार करने की मांग की गई।
समिति का मानना है कि इस तरह की तकनीकी व्यवस्था लागू होने से अपराधियों की पहचान और जांच प्रक्रिया अधिक त्वरित एवं प्रभावी हो सकेगी, जिससे कानून-व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
चैंबर ने विश्वास जताया कि इन सुझावों पर सकारात्मक कार्रवाई होने से झारखंड में उद्योग, व्यापार और निवेश को नई गति मिलेगी तथा राज्य का कारोबारी माहौल और अधिक सुदृढ़ होगा।
बैठक में चैंबर के उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया एवं राम बांगड़, उप समिति चेयरमैन शशांक भरद्वाज, सदस्य शैलेंद्र सुमन, राजीव प्रकाश चौधरी, प्रमोद सारस्वत, कार्तिक कुमार प्रभात सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
