रांची। झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य की ओपन जेलों की निगरानी व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से 20 जुलाई तक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने ओपन जेलों की मॉनिटरिंग और वहां की व्यवस्थाओं पर की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी है।
20 जुलाई तक देनी होगी रिपोर्ट
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ओपन जेलों की निगरानी के लिए एक समिति का गठन कर दिया गया है।
इस पर खंडपीठ ने सरकार को 20 जुलाई तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर अब तक की गई कार्रवाई का पूरा विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी।
पहले भी दिए गए थे निर्देश
उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने इससे पहले राज्य के मुख्य सचिव को 10 दिनों के भीतर तीन सदस्यीय मॉनिटरिंग समिति गठित करने का निर्देश दिया था। साथ ही 24 जून 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने और झारखंड की सभी ओपन जेलों की स्थिति, प्रबंधन और कार्यप्रणाली का विस्तृत ब्यौरा अदालत में प्रस्तुत करने को कहा गया था।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हो रही निगरानी
दरअसल, उच्चतम न्यायालय ने सभी राज्यों को ओपन जेलों की निगरानी के लिए गृह विभाग के स्तर पर समिति गठित करने का निर्देश दिया है। समिति को ओपन जेलों में चिकित्सा, भोजन और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा करने के साथ-साथ कैदियों के पुनर्वास और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रभावी कदम उठाने हैं।
