पश्चिम मेदिनीपुर। मेदिनीपुर शहर में पिछले लंबे समय से नासूर बन चुकी यातायात जाम की गंभीर समस्या के स्थाई समाधान के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शहर में दूसरे (वैकल्पिक) बस टर्मिनल के निर्माण को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और इंजीनियरों की टीम ने मंगलवार को संभावित जमीनी स्थलों का सघन निरीक्षण किया। इस कदम से शहरवासियों में जाम से राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
केंद्रीय बस स्टैंड पर दबाव के कारण रोज लगता है महाजाम
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में मेदिनीपुर शहर के बिल्कुल बीचों-बीच स्थित केंद्रीय बस स्टैंड (Central Bus Stand) से ही जिले की सभी लोकल बसों के साथ-साथ लंबी दूरी (इंटर-स्टेट और इंटर-डिस्ट्रिक्ट) की बसों का संचालन होता है। एक ही जगह से सैकड़ों बसों के आने-जाने के कारण शहर की मुख्य सड़कों पर प्रतिदिन सुबह से लेकर रात तक भारी जाम की स्थिति बनी रहती है। इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए यह नई योजना तैयार की गई है।
इन दो प्रमुख स्थलों का हुआ निरीक्षण, सर्वे रिपोर्ट होगी तैयार
मंगलवार को हुए इस हाई-प्रोफाइल निरीक्षण के दौरान पश्चिम बंगाल परिवहन अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (WBTIDCL) के वरिष्ठ इंजीनियरों ने जमीनी हकीकत का जायजा लिया। इस मौके पर स्थानीय विधायक शंकर गुच्छैत, बीएल एंड एलआरओ (BL&LRO) विभाग के अधिकारी, मेदिनीपुर नगर पालिका के प्रतिनिधि तथा आरटीओ (RTO) विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे।
संयुक्त टीम ने शहर के हेलीपैड के पीछे स्थित दो सबसे उपयुक्त और संभावित स्थानों का बारीकी से निरीक्षण किया:
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जामतला मैदान
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एसबीएसटीसी (SBSTC) बस डिपो के ठीक पीछे का बड़ा मैदान
प्रशासनिक सूत्रों ने मंगलवार देर शाम बताया कि दोनों स्थानों के भौगोलिक और तकनीकी पहलुओं को देखने के बाद एक विस्तृत सर्वे रिपोर्ट (Detailed Survey Report) तैयार की जा रही है। इस रिपोर्ट के आधार पर ही अंतिम स्थल का चयन कर आगे की टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
क्या है प्रशासन का मास्टर प्लान?
प्रशासन के मास्टर प्लान के अनुसार, नया बस टर्मिनल पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद दीघा, कोलकाता और अन्य दूर-दराज के क्षेत्रों के लिए चलने वाली लंबी दूरी की सभी एक्सप्रेस बसों को नए टर्मिनल पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। वहीं, शहर के पुराने केंद्रीय बस स्टैंड से केवल स्थानीय (लोकल) और कम दूरी की बसों का ही संचालन किया जाएगा। इस विभाजन से शहर के आंतरिक मार्गों पर वाहनों का दबाव 60% तक कम होने का अनुमान है, जिससे मेदिनीपुर शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह सुव्यवस्थित हो जाएगी।
