पुरुलिया। ट्रेनों में यात्रियों के कीमती मोबाइल उड़ाने वाले गिरोह के खिलाफ पुरुलिया रेलवे स्टेशन पर जीआरपी (GRP) और आरपीएफ (RPF) की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने स्टेशन से चोरी के 15 महंगे एंड्रॉयड मोबाइल फोन के साथ दो महिलाओं को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।
प्लेटफॉर्म पर बेंच पर बैठी महिलाओं पर हुआ शक
जानकारी के अनुसार, सोमवार की शाम करीब छह बजे पुरुलिया जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम प्लेटफॉर्म संख्या दो और तीन पर रूटीन चेकिंग और अपराध निरोधक निगरानी ड्यूटी पर तैनात थी। इसी दौरान पुलिस टीम की नजर वहां एक बेंच पर बैठी दो संदिग्ध महिलाओं पर पड़ी, जिनके पास नीचे दो सफेद रंग के प्लास्टिक बैग रखे हुए थे। पुलिस को देखकर उनकी गतिविधियों में घबराहट साफ नजर आई।
महिला कॉन्स्टेबल की मौजूदगी में तलाशी, खुला राज
संदेह होने पर महिला कांस्टेबल ममता टुडू की मौजूदगी में दोनों को हिरासत में लिया गया और पूछताछ की गई। आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
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रामकली देवी सिंह (29 वर्ष), निवासी- पार्कीडीह, बलरामपुर (पुरुलिया)
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राप्ती देवी सिंह (39 वर्ष), निवासी- छुटकीडीह, बलरामपुर (पुरुलिया)
जब पुलिस ने उनके पास मौजूद प्लास्टिक बैग्स की तलाशी ली, तो उनके भीतर से 15 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद हुए।
चलती ट्रेनों में यात्रियों को बनाती थीं निशाना
पुलिस द्वारा जब बरामद मोबाइलों के वैध दस्तावेज या बिल मांगे गए, तो दोनों महिलाएं कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं। जीआरपी की कड़ी पूछताछ के आगे दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने स्वीकार किया कि वे अलग-अलग चलती ट्रेनों में मौका पाकर यात्रियों के मोबाइल चोरी करती थीं और इन सभी फोनों को बाजार में बेचने के लिए ले जा रही थीं।
न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी, जांच जारी
पुरुलिया जीआरपी थाना के सब-इंस्पेक्टर समीर मुखर्जी की लिखित शिकायत पर दोनों महिला चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में सभी 15 मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। पश्चिम बंगाल पुलिस के अनुसार, इस गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों का पता लगाने के लिए आगे की जांच की जा रही है।
