27 C
Kolkata
Friday, August 14, 2026

हजारीबाग में मानवता शर्मसार: मानसिक रूप से दिव्यांग मासूम के साथ दरिंदगी, आरोपी रंगेहाथ गिरफ्तार

हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र से एक बेहद दिल दहला देने वाली और मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक घर में अकेली मानसिक रूप से दिव्यांग नाबालिग लड़की को हवस का शिकार बनाया गया। हालांकि, घटना के तुरंत बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

घर में अकेली पाकर मासूम से की मारपीट और दरिंदगी

जानकारी के मुताबिक, पीड़ित बच्ची मानसिक रूप से दिव्यांग है। घटना के वक्त वह घर में बिल्कुल अकेली थी। उसके पिता दूसरे राज्य में मजदूरी करते हैं, जबकि उसकी मां हर दिन की तरह घर से बाहर बकरियां चराने गई हुई थी। इसी सूनेपन का फायदा उठाकर पड़ोस के ही रहने वाले 40 वर्षीय आरोपी प्रभु महतो ने जबरन घर में प्रवेश किया और मासूम को अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया। लिखित शिकायत के अनुसार, आरोपी ने बच्ची के साथ मारपीट भी की, जिससे वह बेहोश हो गई।

बकरी चराकर लौटी मां ने आरोपी को रंगेहाथों दबोचा

जब पीड़िता की मां अचानक घर वापस लौटी, तो भीतर का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। उसने आरोपी प्रभु महतो को अपनी दिव्यांग बेटी के साथ गलत काम करते हुए रंगेहाथों पकड़ लिया। मां के शोर मचाने पर आस-पास के ग्रामीण तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को मौके पर ही घेरकर बंधक बना लिया और इसकी सूचना पुलिस को दी।

इलाके में भारी आक्रोश, ग्रामीणों ने की फांसी की मांग

घटना की जानकारी मिलते ही मुफ्फसिल थाना प्रभारी मुकेश सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों के चंगुल से आरोपी को छुड़ाकर तुरंत अपनी हिरासत में ले लिया। इस जघन्य अपराध के बाद पूरे इलाके में भारी रोष और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे फांसी की सजा देने की मांग की है।

गंभीर धाराओं में मामला दर्ज, मेडिकल जांच के लिए भेजी गई पीड़िता

सदर एसडीपीओ (SDPO) रूपक कुमार सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़िता की मां के लिखित आवेदन के आधार पर मुफ्फसिल थाना में पोक्सो एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसे जल्द ही न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाएगा। पीड़ित बच्ची को तुरंत चिकित्सीय सहायता देते हुए मेडिकल टेस्ट के लिए ‘शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल’ भेजा गया है। एसडीपीओ ने भरोसा दिलाया कि पुलिस कोर्ट में प्रभावी पैरवी कर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध है।

Related Articles

नवीनतम लेख