वाशिंगटन। पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी भारी तनाव के बीच एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। अमेरिकी न्यूज वेबसाइट ‘एक्सियोस’ ने एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से दावा किया है कि अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकने के लिए राजी हो गए हैं। दोनों देशों के बीच उपजे ताजा विवाद और मतभेदों को सुलझाने के लिए आगामी मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में एक अहम बैठक होने की उम्मीद है।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर होगी सीधी बात
इस कूटनीतिक बैठक का मुख्य एजेंडा वैश्विक तेल आपूर्ति के सबसे महत्वपूर्ण रास्ते ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को लेकर जारी विवाद को सुलझाना है। अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, “हमने फिलहाल सभी तरह की सैन्य कार्रवाइयों को रोकने का फैसला किया है।”
एक अन्य अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की है कि दोनों पक्ष “फिलहाल” पीछे हटेंगे ताकि जब तक तकनीकी बातचीत जारी रहे, तब तक व्यापारिक जहाज बिना किसी डर के इस समुद्री रास्ते से आजादी से आ-जा सकें। इस महत्वपूर्ण दोहा वार्ता में अमेरिकी तकनीकी टीम के प्रमुख निक स्टीवर्ट के शामिल होने की पूरी उम्मीद है।
स्विट्जरलैंड से कतर बदला गया बैठक का स्थान
शुरुआत में यह बैठक स्विट्जरलैंड में आयोजित होने वाली थी, जहाँ ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा प्रस्तावित थी। लेकिन पिछले दिनों दोनों देशों के बीच हुए हालिया सैन्य टकराव और तनाव को देखते हुए इसका स्थान बदलकर कतर की राजधानी दोहा कर दिया गया। अब इस बैठक का एजेंडा भी सीमित कर दिया गया है, जिसका पूरा फोकस केवल होर्मुज से जुड़े समुद्री सुरक्षा मुद्दों पर रहेगा। हालांकि, इस प्रस्तावित वार्ता पर व्हाइट हाउस ने अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
क्या है दोनों देशों के बीच का पूरा समझौता?
दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य दोनों देशों के बीच हुए समझौते को लागू करने में सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है:
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ईरान का वादा: ईरान ने वैश्विक कमर्शियल जहाजों को होर्मुज के रास्ते सुरक्षित गुजरने की सुविधा देने की प्रतिबद्धता जताई थी।
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अमेरिका का कदम: इसके बदले में अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर लगी अपनी आर्थिक व नौसैनिक नाकाबंदी को हटा लिया था।
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हॉटलाइन पर सहमति: पिछले हफ्ते स्विट्जरलैंड में हुई बातचीत के दौरान दोनों देश आपातकालीन संपर्क के लिए एक ‘हॉटलाइन’ स्थापित करने पर भी राजी हुए थे।
रविवार की बैठक में क्यों नहीं शामिल हुआ था ईरान?
अरब न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के प्रकाशन कार्यालय के सदस्य मेहदी फजाइली ने सरकारी टीवी पर बताया कि देश पर हुए हालिया हमलों और अमेरिका द्वारा समझौते की शर्तें पूरी न किए जाने के विरोध में ईरान रविवार को होने वाली तकनीकी बातचीत में शामिल नहीं हुआ था। लेकिन अब मंगलवार को होने वाली इस बैठक से दोनों देशों के बीच बर्फ पिघलने की उम्मीद जताई जा रही है।
