काठमांडू। नेपाल में एवियन इन्फ्लुएंजा (बर्ड फ्लू) का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। संक्रमण की रोकथाम के लिए पशु सेवा विभाग ने काठमांडू और आसपास के जिलों में तकनीकी टीमों की तैनाती तेज कर दी है। साथ ही नियमित प्रयोगशाला जांच के माध्यम से निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।
पशु सेवा विभाग के महानिदेशक उमेश दाहाल ने बताया कि काठमांडू, भक्तपुर, ललितपुर और काभ्रेपलाञ्चोक जिलों में संक्रमण का खतरा सबसे अधिक है। करीब तीन महीने पहले शुरू हुआ बर्ड फ्लू अब देश के 11 जिलों तक फैल चुका है।
100 पोल्ट्री फार्मों में संक्रमण की पुष्टि
विभाग के अनुसार अब तक लगभग 100 पोल्ट्री फार्मों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने के लिए प्रभावित फार्मों में संक्रमित पक्षियों, अंडों और पोल्ट्री फीड को नष्ट किया जा रहा है। साथ ही फार्म संचालकों को कम से कम छह सप्ताह तक नए चूजे नहीं लाने की सलाह दी गई है।
काठमांडू के चन्द्रागिरि, कीर्तिपुर, टोखा, तारकेश्वर, गोदावरी, चाँगुनारायण और सूर्यविनायक सहित कई क्षेत्रों के पोल्ट्री फार्मों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इन इलाकों में जैव-सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू किया जा रहा है।
इंसानों में भी संक्रमण का खतरा
महानिदेशक दाहाल ने कहा कि बर्ड फ्लू के लिए फिलहाल कोई प्रभावी उपचार या व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाला टीका उपलब्ध नहीं है। ऐसे में संक्रमित पक्षियों को नष्ट करना ही वायरस के प्रसार को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।
उन्होंने चेतावनी दी कि हालांकि इंसानों में संक्रमण के मामले बेहद दुर्लभ हैं, लेकिन यह वायरस मनुष्यों को भी संक्रमित कर सकता है। इसलिए पोल्ट्री किसानों, फार्म कर्मियों और उपभोक्ताओं से सभी सुरक्षा मानकों का पालन करने तथा किसी भी संदिग्ध मामले की तत्काल सूचना अधिकारियों को देने की अपील की गई है।
प्रभावित किसानों को मिलेगा मुआवजा
बर्ड फ्लू नियंत्रण अभियान की निगरानी के लिए केंद्रीय और जिला स्तरीय समन्वय समितियों का गठन किया गया है। विभाग के सूचना अधिकारी मुकुल उपाध्याय ने बताया कि जिन किसानों की पोल्ट्री, अंडे और पोल्ट्री फीड नष्ट किए गए हैं, उन्हें सत्यापन के बाद निर्धारित दरों के अनुसार अधिकतम 75 प्रतिशत तक मुआवजा दिया जाएगा।
