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Friday, June 26, 2026

काठमांडू: सत्तारूढ़ दल के सांसद ने पार्टी के राजनीतिक प्रस्ताव का किया विरोध

काठमांडू । नेपाल के सत्तारूढ़ दल राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (आरएसपी) के प्रथम महाधिवेशन में ‘प्रदेश सभा’ को हटाने संबंधी प्रस्ताव के पारित होने के बाद राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। पार्टी के इस फैसले के विरोध में आरएसपी के निर्वाचित सांसद डॉ. अमरेश कुमार सिंह खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि देश के लोकतंत्र, संघीयता और समावेशिता में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं किया जाएगा।

जनकपुरधाम से सोशल मीडिया पर दी प्रतिक्रिया

सांसद डॉ. अमरेश कुमार सिंह ने जनकपुरधाम से सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी तीखी प्रतिक्रिया सार्वजनिक की है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि नेपाल की लोकतांत्रिक व्यवस्था, संघीय शासन प्रणाली और समावेशी चरित्र के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश हुई, तो नेपाली जनता इसका सड़क पर उतरकर सशक्त विरोध करेगी।

‘जनता की मुख्य अपेक्षा सुशासन और समृद्धि’

सांसद सिंह ने अपने बयान में राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों को जनता की मूल भावनाओं की याद दिलाई। उन्होंने कहा:
“जगत जननी सीतामाता की भूमि जनकपुरधाम से आज फिर कह रहा हूं कि जनता सुशासन और समृद्धि चाहती है। यदि कोई इन लोकतांत्रिक स्तंभों के साथ छेड़छाड़ करता है, तो जनता उसका मजबूती से प्रतिरोध करेगी और हम हर कदम पर जनता के साथ खड़े रहेंगे।”

प्रदेश सभा खारिज करने की नीति पर छिड़ी बहस

राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (आरएसपी) द्वारा अपने प्रथम महाधिवेशन में देश के प्रांतीय ढांचे यानी ‘प्रदेश सभा’ को समाप्त करने से संबंधित नीति दस्तावेज (पॉलिसी डॉक्यूमेंट) को मंजूरी दिए जाने के बाद से पूरे देश के राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। गौरतलब है कि आरएसपी और सरकार की गतिविधियों पर लगातार आलोचनात्मक रुख अपनाने वाले सांसद अमरेश कुमार सिंह विरोध स्वरूप पार्टी के इस पहले महाधिवेशन में भी शामिल नहीं हुए थे।

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