मुंबई । मशहूर पार्श्व गायिका अलका याग्निक को भारत सरकार द्वारा प्रतिष्ठित ‘पद्म भूषण’ सम्मान से नवाजा गया है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के बाद अलका याग्निक ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक नोट साझा कर अपने प्रशंसकों का आभार व्यक्त किया है। बीते कुछ समय से ‘सेंसरी न्यूरल हियरिंग लॉस’ (Sensory Neural Hearing Loss) जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहीं अलका ने इस सम्मान को अपने जीवन का सबसे प्रेरणादायक मोड़ बताया है।
“प्रशंसकों का प्यार और दुआएं ही मेरी ताकत”
अलका याग्निक ने अपने संदेश में लिखा कि पिछले दो साल उनके स्वास्थ्य और करियर के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण और कठिन रहे हैं। इस मुश्किल घड़ी में उनके चाहने वालों ने जिस तरह उनका साथ दिया, उसी का नतीजा है कि वह आज इस मुकाम पर हैं।
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श्रोताओं को समर्पित सम्मान: अलका ने भावुक होते हुए कहा, “यह सम्मान सिर्फ मेरे नाम का नहीं है, बल्कि उन करोड़ो श्रोताओं और प्रशंसकों का है जिन्होंने सालों तक मेरी आवाज को अपने दिल और जिंदगी का हिस्सा बनाए रखा।”
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साहस का प्रतीक: उन्होंने आगे लिखा कि राष्ट्रपति के हाथों पद्म भूषण ग्रहण करना उनके लिए केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि इस कठिन दौर में उम्मीद, साहस और निस्वार्थ प्रेम की शक्ति का प्रतीक है।
बीमारी को मात देकर संगीत की दुनिया में वापसी की कोशिश
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में अलका याग्निक ने खुद इस बात का खुलासा किया था कि वह ‘सेंसरी न्यूरल हियरिंग लॉस’ नामक दुर्लभ और गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, जिसने उनकी सुनने और गाने की क्षमता को काफी प्रभावित किया था।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का जताया आभार
गायिका ने इस सर्वोच्च सम्मान के लिए देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्रालय और भारत सरकार के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता प्रकट की। उन्होंने कहा कि वह इस सम्मान को अत्यंत विनम्रता और गर्व के साथ स्वीकार करती हैं, जिससे उन्हें जीवन में आगे बढ़ने का एक नया हौसला मिला है।
