31 C
Kolkata
Monday, June 22, 2026

रांची: मांडर सामूहिक दुष्कर्म मामले में सुशील उरांव दोषी करार, पॉक्सो कोर्ट 27 जून को सुनाएगी सजा

चान्हो मेला से लौट रही दो नाबालिग मौसेरी बहनों के साथ हुआ था अनाचार

रांची| रांची जिले के मांडर थाना क्षेत्र में दो नाबालिग मौसेरी बहनों के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के बहुचर्चित मामले में सोमवार को पॉक्सो (POCSO) की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले के मुख्य आरोपित सुशील उरांव को दोषी करार दिया है। दोष सिद्ध होने के बाद अदालत ने सजा की अवधि तय करने के लिए 27 जून की तिथि निर्धारित की है। पीड़ित परिवार और अभियोजन पक्ष अब दोषी को अधिकतम व कठोरतम सजा मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

अप्रैल 2024 की घटना: घर छोड़ने के बहाने ले गए थे आरोपित

अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में पेश किए गए विवरण के अनुसार, यह दर्दनाक घटना 17 अप्रैल 2024 की है:

  • दोनों नाबालिग मौसेरी बहनें चान्हो थाना क्षेत्र के हूंटार गांव में आयोजित एक मेला देखने गई थीं।

  • मेला खत्म होने के बाद वे अपने दो नाबालिग दोस्तों के साथ एक ही मोटरसाइकिल से घर लौट रही थीं।

  • इसी बीच, दो अन्य नाबालिग आरोपितों ने उन्हें रास्ते में रोका और बहला-फुसलाकर अपने घर ले गए। जब पीड़िताओं ने घर जाने की जिद की, तो कुछ देर में छोड़ने का झांसा दिया गया और फिर दोनों के साथ जबरन दुष्कर्म किया गया।

दोस्त सुशील उरांव को भी बुलाया; जंगल से बरामद हुई थी दूसरी पीड़िता

मामले में दरिंदगी की हदें तब पार हो गईं जब इन नाबालिग आरोपितों ने अपने दोस्त सुशील उरांव को भी फोन करके मौके पर बुला लिया। सुशील उरांव पर आरोप है कि उसने भी एक नाबालिग पीड़िता के साथ दरिंदगी की।

पुलिस की त्वरित चार्जशीट और साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध

परिजनों की लिखित शिकायत पर मांडर थाना में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की, साक्ष्य जुटाए और अदालत में मजबूत आरोप पत्र (Charge Sheet) दाखिल किया। पॉक्सो की विशेष अदालत ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और जिरह के आधार पर सुशील उरांव को दोषी माना है। आगामी 27 जून को होने वाली सुनवाई पर पूरे जिले की निगाहें टिकी हैं।

Related Articles

नवीनतम लेख