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Saturday, June 20, 2026

झारखंड स्वास्थ्य विभाग को देश का प्रतिष्ठित ‘स्कॉच गोल्ड अवार्ड’, दो अलग-अलग श्रेणियों में मारी बाजी

नवजात व मातृ मृत्यु दर में कमी लाने और ‘प्रचार वाहन’ नवाचार के लिए राष्ट्रीय पटल पर चमका राज्य

नई दिल्ली के समारोह में मिला दोहरा सम्मान

न्यू दिल्ली । झारखंड के स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर राज्य का नाम रोशन किया है। नई दिल्ली के पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में आज राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), झारखंड को स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्ट और नवोन्मेषी कार्यों के लिए देश के प्रतिष्ठित ‘108वें स्कॉच अवार्ड’ (गोल्डन कैटेगरी) के अंतर्गत दो अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कृत किया गया। यह सम्मान प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार प्रो. महेंद्र देव, भारत सरकार के कानून एवं न्याय विभाग के अतिरिक्त सचिव डॉ. मनोज कुमार और स्कॉच ग्रुप के चेयरमैन समीर कोचर द्वारा एनएचएम झारखंड के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा की अगुवाई वाली टीम को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।

प्रचार वाहनों (TIT) से गांव-गांव पहुंचीं स्वास्थ्य सेवाएं

झारखंड को पहला पुरस्कार ‘प्रचार वाहन (टीआईटी) नवाचार’ और आईसी ट्रांसपोर्ट प्रबंधन के लिए दिया गया है। इस अभियान के तहत राज्य के सभी 24 जिलों में 24 विशेष विषयों पर आधारित प्रचार वाहनों को 4 महीने तक चलाया गया। इस दौरान प्रतिदिन इन वाहनों के माध्यम से ट्रेनरों को भेजकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कुल 192 प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए और 5,576 लोगों को प्रशिक्षित किया गया। इन वाहनों का मुख्य उद्देश्य सुदूर गांवों तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना और आईसी सामग्रियों को समय पर व सुगमतापूर्वक सही स्थान तक पहुंचाना था।

डिजिटल ट्रैकिंग से सुधरी शिशु और मातृ मृत्यु दर

इसके साथ ही राज्य को समेकित एचबीएनसी (होम बेस्ड न्यूबॉर्न केयर) और एचबीवाईसी (होम बेस्ड केयर फॉर यंग चाइल्ड) कार्यक्रम में विशिष्ट उपलब्धि के लिए दूसरे स्कॉच गोल्ड अवार्ड से नवाजा गया है। इस संबंध में अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा ने बताया कि राज्य की सहियाओं और सेविकाओं के संयुक्त प्रयास से एमटीसी और एसएनसीयू में रेफरल दर में 50 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में ‘सहिया ऐप’ और ‘शिशु पोषण ट्रैकर’ के माध्यम से डिजिटल रूप से डेटा संधारित किया जा रहा है, जिससे हर बच्चे और मां की सटीक निगरानी, उपचार और फॉलो-अप सुनिश्चित हो रहा है। इसी जमीनी प्रयास का परिणाम है कि झारखंड में शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है।

कुशल मार्गदर्शन और सहियाओं के श्रम को समर्पित सफलता

पुरस्कार ग्रहण करने के बाद अभियान निदेशक ने इस बड़ी सफलता को माननीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह के कुशल मार्गदर्शन को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग लगातार नए-नए नवाचार कर रहा है ताकि आम लोगों को उनके ही क्षेत्र में न्यूनतम खर्च पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें और भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे। इस सम्मान को प्राप्त करने वाली टीम में आईईसी के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. राहुल किशोर सिंह, अकय मिंज (राज्य कार्यक्रम समन्वयक), अजय कुमार शर्मा (मीडिया परामर्शी), विकाश नाथ (एकजुट) और प्रीतिश नायक (यूनिसेफ) शामिल रहे।

बेहद कड़ी चयन प्रक्रिया के लिए जाना जाता है ‘स्कॉच’

विदित हो कि स्कॉच (SKOCH) भारत का एक प्रमुख स्वतंत्र थिंक-टैंक और कंसल्टेंसी संगठन है, जिसकी स्थापना वर्ष 1997 में हुई थी। यह संस्था मुख्य रूप से देश में बेहतर शासन, डिजिटल नवाचार, वित्तीय समावेशन और सामाजिक-आर्थिक विकास के क्षेत्र में काम करती है। स्कॉच अवार्ड के चयन की प्रक्रिया बेहद कड़ी और कई चरणों वाली पारदर्शी प्रणाली पर आधारित होती है। यह पुरस्कार उन सरकारी विभागों, राज्य सरकारों या संगठनों को प्रदान किया जाता है जो सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने और जनहित के लिए धरातल पर कोई असाधारण, नवोन्मेषी या अनोखा कार्य करते हैं।

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