दोहा। भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने करीब आठ महीने बाद मैदान पर वापसी करते हुए दोहा डायमंड लीग 2026 में चौथा स्थान हासिल किया है। हालांकि वे इस प्रतियोगिता में पदक जीतने से चूक गए, लेकिन उन्होंने राष्ट्रमंडल खेल (कॉमनवेल्थ गेम्स) 2026 के लिए तय क्वालिफिकेशन मार्क को आसानी से पार कर लिया है। पीठ की चोट के कारण लंबे समय तक खेल से दूर रहे 28 वर्षीय नीरज का पहला प्रयास फाउल रहा, लेकिन इसके बाद उन्होंने बेहतरीन वापसी करते हुए तीसरे प्रयास में 85.69 मीटर दूर भाला फेंककर रेस में खुद को बनाए रखा।
चोट के बाद शानदार वापसी, हासिल किया क्वालिफिकेशन मार्क
मैच के दौरान नीरज ने चौथे प्रयास में 83.45 मीटर का थ्रो किया, जबकि अंतिम चरण में पहुंचने के लिए जरूरी 86 मीटर की दूरी हासिल करने के चक्कर में उनका पांचवां प्रयास भी फाउल हो गया। इस वजह से वे तालिका में चौथे स्थान पर खिसक गए। भले ही नीरज इस वापसी को खिताबी जीत में नहीं बदल सके, लेकिन उनका 85.69 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन राष्ट्रमंडल खेल 2026 के लिए निर्धारित 82.61 मीटर के क्वालिफिकेशन मानक से काफी बेहतर रहा, जो भारतीय खेल प्रेमियों के लिए बड़ी राहत की खबर है।
श्रीलंका के रुमेश थरंगा ने जीता खिताब
इस प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक श्रीलंका के उभरते सितारे रुमेश थरंगा पथिरागे ने 88.68 मीटर के थ्रो के साथ अपने नाम किया। रुमेश ने हाल ही में रोम डायमंड लीग में भी 92.62 मीटर का बेमिसाल प्रदर्शन किया था। मुकाबले में दूसरा स्थान ग्रेनेडा के एंडरसन पीटर्स (86.38 मीटर) को मिला, जबकि अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन (85.99 मीटर) तीसरे पायदान पर रहे। चोट के बाद दोहा के मैदान पर नीरज चोपड़ा की यह वापसी भारतीय एथलेटिक्स के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है और अब प्रशंसकों की निगाहें उनकी आगामी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं पर टिकी हैं।
