मेदिनीपुर। पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और चार बार के विधायक सौमेन महापात्र ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने टीएमसी से अपनी गहरी नाराजगी जताते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की है।
टीएमसी की कॉरपोरेट संस्कृति से हैं नाराज
बुधवार देर शाम सौमेन महापात्र ने खुलकर अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि वह पिछले विधानसभा चुनाव के बाद से ही पार्टी की कार्यप्रणाली से बेहद असंतुष्ट हैं। महापात्र का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस अब अपने पुराने लोकतांत्रिक ढर्रे को छोड़कर पूरी तरह से “कॉरपोरेट संस्कृति” के अनुसार चल रही है, जहां नेताओं की कोई पूछ नहीं है।
मंत्री रहते हुए भी मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाना था मुश्किल
पूर्व मंत्री ने पार्टी नेतृत्व पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि जब वह सरकार में मंत्री थे, तब भी मुख्यमंत्री और शीर्ष नेतृत्व तक अपनी बात पहुंचाना आसान नहीं था। उन्होंने दावा किया कि शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने से इनकार करने के बाद से, पिछले तीन वर्षों से उन्हें पार्टी में लगातार उपेक्षित किया गया। इसी वजह से पहले उनसे मंत्री पद छीना गया और बाद में जिलाध्यक्ष पद से भी हटा दिया गया।
शुभेंदु अधिकारी की जमकर की तारीफ
विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी की प्रशंसा करते हुए महापात्र ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अजय मुखर्जी के बाद मेदिनीपुर की धरती पर सबसे बड़ा राजनीतिक परिवर्तन शुभेंदु अधिकारी ने ही किया है। उन्होंने यह भी कहा कि गलत परिस्थितियों के कारण ही शुभेंदु को तृणमूल कांग्रेस छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था।
भाजपा में साधारण कार्यकर्ता बनने को हैं तैयार
सौमेन महापात्र ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर इस समय भारी असंतोष है और पार्टी में बड़ी टूट की स्थिति बन रही है। उन्होंने साफ कहा कि यदि शुभेंदु अधिकारी और शमिक भट्टाचार्य हरी झंडी दे दें, तो वह भाजपा में एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में शामिल होकर जनता की सेवा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
