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Sunday, July 26, 2026

ईरान-ओमान वार्ता में प्रगति का दावा, क्षेत्रीय तनाव बरकरार

तेहरान/वाशिंगटन/कीव। ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े मुद्दों पर बातचीत में प्रगति होने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, पश्चिम एशिया में तनाव अभी भी बना हुआ है। इसी बीच अमेरिका द्वारा ईरान पर सैन्य कार्रवाई रोकने, यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों और यूक्रेन के साथ बढ़े राजनयिक विवाद ने क्षेत्र की स्थिति को और जटिल बना दिया है।

ईरान-ओमान के बीच वार्ता जारी

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य और समुद्री मार्गों को लेकर राजनयिक स्तर पर बातचीत हुई है। दोनों पक्षों के बीच समुद्री गतिविधियों को सामान्य बनाने पर चर्चा हुई है। हालांकि, किसी अंतिम समझौते की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि ओमान के अधिकारियों ने तेहरान में वार्ता की और बातचीत को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने वाला बताया जा रहा है।

अमेरिकी कार्रवाई और संघर्ष विराम की चर्चा

रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश के बाद अमेरिका ने ईरान पर जारी हवाई हमलों को फिलहाल रोक दिया है। हालांकि, व्हाइट हाउस और अमेरिकी सैन्य अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अमेरिकी अधिकारियों ने इतना जरूर कहा है कि वे ईरान और ओमान के बीच चल रही वार्ता पर नजर बनाए हुए हैं।

मीडिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि दोनों पक्ष तनाव कम करने के विकल्प तलाश रहे हैं, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर उनके रुख में अब भी मतभेद बने हुए हैं।

यूक्रेन के साथ बढ़ा राजनयिक विवाद

ईरान ने कैस्पियन सागर में अपने एक जहाज पर कथित हमले को लेकर यूक्रेन के राजनयिकों को तलब किया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इस मामले पर ध्यान देने की अपील की है।

वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने आरोप लगाया है कि रूस, ईरान को सैन्य सहायता और उपग्रह निगरानी से जुड़ी जानकारी उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अमेरिका के साथ सबूत साझा किए जाएंगे। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

हूती विद्रोहियों के हमलों से तनाव कायम

रिपोर्टों के अनुसार, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर क्षेत्र में सऊदी अरब की तेल सुविधाओं को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इन हमलों को हालिया सैन्य कार्रवाई के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।

उधर, अमेरिकी मध्य कमान (सेंटकॉम) ने बताया कि उसने समुद्री निगरानी अभियान के तहत कुछ टैंकरों की जांच की है। सेंटकॉम के अनुसार, यह कार्रवाई क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई।

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