जमशेदपुर | लौहनगरी जमशेदपुर की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित मानगो फ्लाईओवर (एलिवेटेड कॉरिडोर) परियोजना को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्रीय कोयला और खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने डिमना चौक और मानगो राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-33) क्षेत्र का दौरा कर निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने परियोजना से जुड़े अधिकारियों से मुलाकात की और कार्य की विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हुए निर्माण की गति पर संतोष व्यक्त किया।
यातायात व्यवस्था और शहरी विकास में बड़ा सुधार
केंद्रीय मंत्री ने निरीक्षण के बाद कहा कि केंद्र सरकार देश भर में बुनियादी ढांचे और आधारभूत संरचना के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है, और मानगो फ्लाईओवर इसी कड़ी का एक अहम हिस्सा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने से न केवल जमशेदपुर की यातायात व्यवस्था में एक ऐतिहासिक सुधार देखने को मिलेगा, बल्कि शहर के आर्थिक और शहरी विकास को भी एक नई रफ़्तार मिलेगी।
वन विभाग की एनओसी के कारण हुई देरी
काम में हो रही देरी के कारणों को स्पष्ट करते हुए सतीश चंद्र दुबे ने बताया कि लगभग 10 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड कॉरिडोर का कुछ हिस्सा वन विभाग की भूमि के अंतर्गत आता है। आवश्यक अनुमतियां और अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिलने में हुए विलंभ के कारण निर्माण कार्य की गति थोड़ी प्रभावित हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार और वन विभाग को आपस में बेहतर समन्वय स्थापित कर लंबित प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द निपटाना चाहिए, ताकि काम में कोई बाधा न आए।
वर्ष 2026 के अंत तक पूरा होगा काम
इस फ्लाईओवर के बन जाने से मानगो, डिमना चौक, उलीडीह और इसके आस-पास के लाखों लोगों को रोज़ाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी और लोगों के समय की भी बड़ी बचत होगी। केंद्रीय मंत्री ने पूरा भरोसा जताया कि सभी जरूरी स्वीकृतियां मिलते ही निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर आगे बढ़ेगा और वर्ष 2026 के अंत तक इस शानदार सौगात को जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे वरिष्ठ नेता
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो, पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां, भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा और मीडिया प्रभारी प्रेम झा सहित भारी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
