तेहरान/मनामा/वाशिंगटन । ईरान और अमेरिका के बीच छिड़ी सैन्य जंग अब फारस की खाड़ी पर स्थित बहरीन की राजधानी मनामा तक पहुंच गई है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी ईरान पर हुए अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में बुधवार तड़के बहरीन की राजधानी मनामा में स्थित अमेरिकी नौसेना केंद्रीय कमान (पांचवें बेड़े) के मुख्यालय पर ‘शहेद-136’ वन-वे अटैक (आत्मघाती) ड्रोन से भीषण हमला किया है। इस हमले के बाद बहरीन के गृह मंत्रालय ने देश में सायरन बजाकर हाई अलर्ट जारी कर दिया है और नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
अमेरिकी हेलीकॉप्टर ‘अपॉचे’ को मार गिराने से भड़की आग
इस महासंकट की शुरुआत सोमवार को हुई, जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर अमेरिकी लड़ाकू हेलीकॉप्टर अपॉचे को मार गिराया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि इसका अंजाम भुगतना होगा। इसके बाद अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने मंगलवार को आत्मरक्षा और बदले की कार्रवाई के तहत दक्षिणी ईरान पर सटीक हथियारों से ताबड़तोड़ हमले किए। अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के लड़ाकू विमानों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी वायु रक्षा प्रणालियों, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और निगरानी रडार साइटों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। सेंटकॉम ने बयान जारी कर कहा कि अपॉचे को गिराए जाने का बदला पूरा कर लिया गया है।
ईरान का पलटवार, बहरीन स्थित अमेरिकी बेस को बनाया निशाना
अमेरिका के इन हवाई हमलों से भड़के ईरान ने अपनी वायु रक्षा प्रणाली को हाई अलर्ट पर सक्रिय कर दिया और बुधवार तड़के स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 2:30 बजे बहरीन में तैनात अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय पर ड्रोन दाग दिए। ईरान के सर्वोच्च सैन्य परिचालन केंद्र ‘खतम अल-अंबिया’ और आईआरजीसी ने संयुक्त बयान जारी कर इस हमले की पुष्टि की है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी सेना ने दोबारा आक्रामकता दिखाई, तो क्षेत्र में मौजूद अन्य अमेरिकी ठिकानों पर इससे भी बड़े पैमाने पर हमले किए जाएंगे। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सख्त लहजे में कहा कि अमेरिका अब उनके धैर्य की परीक्षा न ले, भलाई इसी में है कि अमेरिकी सेना यह क्षेत्र छोड़कर चली जाए।
क्यों बेहद खास है अमेरिका का पांचवां बेड़ा (Fifth Fleet)?
बहरीन की राजधानी मनामा के जुफैर में स्थित इस सैन्य अड्डे का आधिकारिक नाम ‘नेवल सपोर्ट एक्टिविटी बहरीन’ है। यह बेस अमेरिकी नौसेना केंद्रीय कमान का मुख्यालय है, जो सीधे सेंटकॉम को रिपोर्ट करता है। इस बेस के पास लगभग 25 लाख वर्ग मील के विशाल समुद्री क्षेत्र (फारस की खाड़ी, लाल सागर, ओमान की खाड़ी, अरब सागर और हिंद महासागर) की निगरानी का जिम्मा है। इसका मुख्य कार्य दुनिया के सबसे संवेदनशील और लाइफलाइन माने जाने वाले समुद्री रास्तों—होर्मुज जलडमरूमध्य, स्वेज नहर और बाब-अल-मंदेब से गुजरने वाले वैश्विक तेल जहाजों को सुरक्षा प्रदान करना है।
बातचीत के बीच युद्ध की कगार पर दोनों देश
चौंकाने वाली बात यह है कि इस भीषण सैन्य टकराव से कुछ ही घंटे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने बयान दिया था कि ईरान के साथ परमाणु या कूटनीतिक समझौता करने की कोशिशें अंतिम चरण में हैं और दो-तीन दिनों में डील हो सकती है। लेकिन अपॉचे हेलीकॉप्टर के गिराए जाने और बहरीन में अमेरिकी बेस पर हुए ड्रोन हमले के बाद अब यह बातचीत पूरी तरह खटाई में पड़ती दिख रही है। वहीं दूसरी ओर, मध्य पूर्व में इजराइल ने भी लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के खिलाफ सैन्य अभियान तेज कर दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में विश्व युद्ध जैसे हालात बन गए हैं।
