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Wednesday, June 10, 2026

परीक्षा में फर्जीवाड़ा: नाम और जन्मतिथि बदलकर दो बार हाई स्कूल पास करने वाला अभ्यर्थी गिरफ्तार

नोएडा । उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी (कांस्टेबल) भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा कर परीक्षा दे रहे एक शातिर अभ्यर्थी को थाना दादरी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस मामले में परीक्षा केंद्र के सहायक आचार्य ने आरोपी के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करवाया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने सरकारी नौकरी पाने के इरादे से नाम और जन्मतिथि बदलकर दो अलग-अलग जगहों से हाई स्कूल की परीक्षा पास की थी।

कंट्रोल रूम से ‘केवाईसी’ मिसमैच होने पर खुला राज

थाना दादरी के प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार मिश्रा ने बताया कि मिहिर भोज पीजी कॉलेज दादरी में सहायक आचार्य के रूप में कार्यरत आशीष कुमार सिंह ने मंगलवार रात को थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, वे मंगलवार को कॉलेज में उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा की दूसरी पाली में कक्ष निरीक्षक (इन्विजिलेटर) के रूप में तैनात थे। इसी दौरान उनके कक्ष में परीक्षार्थी अंकित कुमार (पुत्र सत्यदेव, निवासी जनपद एटा) परीक्षा दे रहा था। तभी अचानक कंट्रोल रूम से बायोमेट्रिक या केवाईसी (KYC) विवरण मिसमैच होने की गोपनीय सूचना प्राप्त हुई।

2009 और 2016 में अलग-अलग पहचान से पास की परीक्षा

कंट्रोल रूम की सूचना के बाद जब स्टेटिक मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में आरोपी अंकित के दस्तावेजों की गहनता से जांच की गई, तो एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। जांच में पता चला कि आरोपी का असली नाम अमित था। उसने पहले वर्ष 2009 में एक निश्चित जन्मतिथि के आधार पर जनपद एटा से ही हाई स्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। बाद में उम्र छुपाने और दोबारा परीक्षा में बैठने के लिए उसने अपना नाम अमित से बदलकर अंकित कुमार कर लिया और वर्ष 2016 में नई जन्मतिथि के आधार पर एटा के ही एक दूसरे स्कूल से दोबारा हाई स्कूल की परीक्षा पास की।

परीक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज, आरोपी गया जेल

आरोपी ने अलग-अलग जन्मतिथि और जाली पहचान के सहारे दो बार दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण कर उत्तर प्रदेश परीक्षा अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं का खुला उल्लंघन किया है। सहायक आचार्य की लिखित शिकायत के आधार पर थाना दादरी पुलिस ने तत्काल प्रभाव से सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर आरोपी अंकित उर्फ अमित को परीक्षा केंद्र से ही गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में क्या कोई अन्य सॉल्वर गैंग या रैकेट भी शामिल है।

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