भोपाल । प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के सफलतापूर्वक 10 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर आज मंगलवार को मध्य प्रदेश के सभी जिलों में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। राज्य के सभी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों, जिला चिकित्सालयों, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण मातृ स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क प्रदान की जाएंगी।
प्रसवपूर्व जांच और हाई रिस्क प्रेगनेंसी की पहचान पर रहेगा जोर
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की अपर मिशन संचालक दिशा प्रणय नागवंशी ने बताया कि इन विशेष शिविरों में गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व एवं प्रसवोत्तर जांच, नवीन व छूटी हुई गर्भवतियों का पंजीयन, उच्च जोखिम गर्भवती (हाई रिस्क प्रेगनेंसी) महिलाओं की पहचान, उपचार एवं नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाएगा। महिलाओं की रक्तचाप (ब्लड प्रेशर), वजन, बीएमआई (BMI), मेडिकल एवं प्रसूति इतिहास की जांच के साथ ही आवश्यक प्रयोगशाला परीक्षण भी किए जाएंगे।
शिविरों में मिलेंगी ये महत्वपूर्ण पैथोलॉजी जांचें
अभियान के अंतर्गत हीमोग्लोबिन, यूरिन एल्बुमिन एवं शुगर, एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी, सिफलिस, मलेरिया, सिकल सेल स्क्रीनिंग, ब्लड ग्रुपिंग और ओजीटीटी जैसी महत्वपूर्ण जांचें मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी। आवश्यकतानुसार सोनोग्राफी एवं विशेषज्ञ डॉक्टरों की परामर्श सुविधा भी मिलेगी। सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आयरन-फोलिक एसिड और कैल्शियम सहित जरूरी दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उच्च जोखिम वाली महिलाओं की मदद के लिए आशा कार्यकर्ता, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और सुमन हेल्प डेस्क सक्रिय रहेंगे, जबकि जरूरतमंदों को 108 एम्बुलेंस के माध्यम से निःशुल्क परिवहन सुविधा दी जाएगी।
उप मुख्यमंत्री की अपील: जांच कराकर सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करें
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सभी गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों से अपील की है कि वे इन विशेष शिविरों में पहुंचकर निःशुल्क जांच, परामर्श एवं उपचार सुविधाओं का लाभ अवश्य लें। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और उच्च जोखिम स्थितियों की शीघ्र पहचान से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में भारी कमी लाई जा सकती है। उन्होंने इस अभियान को एक जन-आंदोलन के रूप में संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश में अभियान की उल्लेखनीय उपलब्धियां
अपर मिशन संचालक ने आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में बेहतरीन काम हुआ है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अभियान के तहत पंजीकृत 14.31 लाख गर्भवती महिलाओं में से 10.25 लाख महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच (एएनसी) की गई, जो कुल पंजीकृत गर्भवतियों का लगभग 72 फीसदी है। जांच के दौरान चिन्हित की गईं 2.94 लाख उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) वाली महिलाओं में से 2.60 लाख (88 प्रतिशत) महिलाओं को निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार आवश्यक उपचार, प्रबंधन एवं रेफरल सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
