खूंटी । झारखंड के खूंटी जिले के तोरपा थाना क्षेत्र में शातिर साइबर अपराधियों ने एक युवक को अपना निशाना बनाते हुए उसके बैंक खाते से करीब 1 लाख 70 हजार रुपये उड़ा लिए हैं। अपराधियों ने बेहद चालाकी से सिम स्वैपिंग और ओटीपी बाईपास तकनीक का इस्तेमाल कर इस बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दिया। ठगी का शिकार होने के बाद पीड़ित युवक ऐनुल ने गुरुवार को तोरपा थाने पहुंचकर अज्ञात अपराधियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस की साइबर सेल टीम मामले के अनुसंधान में जुट गई है।
अनजान नंबर से फोन आते ही गायब हुआ नेटवर्क, सर्विस सेंटर पहुंचा पीड़ित
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी वारदात गुरुवार की दोपहर को घटित हुई। पीड़ित ऐनुल के मोबाइल पर अचानक एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले से बातचीत समाप्त होने के कुछ ही मिनटों बाद ऐनुल के मोबाइल का नेटवर्क अचानक पूरी तरह से गायब हो गया। काफी देर तक मोबाइल सेवा बाधित रहने और कोई सिग्नल न आने पर युवक को किसी तकनीकी गड़बड़ी या अनहोनी का संदेह हुआ। वह बिना समय गंवाए तत्काल नजदीकी जियो (Jio) सर्विस सेंटर पहुंचा। वहां मौजूद तकनीकी स्टाफ की सहायता से काफी मशक्कत के बाद उसके मोबाइल नंबर को दोबारा एक्टिव (सक्रिय) किया जा सका।
मोबाइल चालू होते ही संदेशों की आई बाढ़, किस्तों में साफ हो गई गाढ़ी कमाई
जैसे ही सर्विस सेंटर में ऐनुल का मोबाइल नंबर पुनः चालू हुआ और उसने अपना फोन ऑन किया, उसके मोबाइल पर एक के बाद एक लगातार कई ओटीपी (OTP) और बैंकिंग लेनदेन से संबंधित संदेशों (मेसेज) की बाढ़ आ गई। इसके साथ ही उसके फोनपे (PhonePe) वॉलेट और मुख्य बैंक खाते से भारी रकम की अवैध निकासी के कई अलर्ट प्राप्त हुए। बदहवास हालत में जब युवक ने अपने बैंक खाते के स्टेटमेंट की जांच की, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। साइबर अपराधियों ने अलग-अलग किस्तों में उसके खाते से कुल 1.70 लाख रुपये पार कर दिए थे।
तोरपा थाना पुलिस ने दर्ज किया मामला, राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की अपील
खाता खाली होने की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने तत्काल संबंधित बैंक के अधिकारियों से संपर्क कर अपने खाते और एटीएम कार्ड को ब्लॉक कराया, जिसके बाद तोरपा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। घटना को लेकर खूंटी जिला पुलिस और प्रशासन ने आम नागरिकों से अत्यधिक सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी अज्ञात या संदिग्ध कॉल पर अपनी व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी साझा न करें। यदि अचानक मोबाइल का नेटवर्क गायब हो जाए, तो इसे हल्के में न लें और तुरंत सतर्क हो जाएं। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होने पर नागरिक अविलंब अपने बैंक, स्थानीय पुलिस या राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत अपनी शिकायत दर्ज कराएं ताकि समय रहते पैसे को होल्ड किया जा सके।
