कोलकाता । पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर मची आंतरिक कलह और बगावत थमने का नाम नहीं ले रही है। अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने वाले नेताओं में पूर्व केंद्रीय मंत्री और टीएमसी के मौजूदा राज्यसभा सांसद बाबुल सुप्रियो भी शामिल हो गए हैं। सुप्रियो ने भ्रष्टाचार के गंभीर मुद्दे को लेकर अपनी ही पार्टी की सर्वोच्च नेता ममता बनर्जी के खिलाफ बेहद तीखी और चौंकाने वाली टिप्पणी की है। उन्होंने बुधवार की देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने सत्ता संभालने के शुरुआती दौर में ही भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख नहीं अपनाया, जो उनकी राजनीतिक यात्रा की सबसे बड़ी गलती साबित हुई।
शुरुआत में ढिलाई बरतने से भ्रष्ट नेताओं के हौसले बुलंद हुए: बाबुल सुप्रियो
सांसद बाबुल सुप्रियो ने पार्टी नेतृत्व की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि यदि सरकार के शुरुआती वर्षों से ही उन सफेदपोशों और रसूखदारों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाती, जो भ्रष्टाचार, सरकारी खजाने की लूट और संगठित आपराधिक गतिविधियों में लिप्त थे, तो आज पार्टी के सामने इतनी जटिल व संकटपूर्ण स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि शीर्ष स्तर से मिली इसी ढिलाई और नजरअंदाजी के कारण टीएमसी के कई विवादित नेताओं को गलत तरीके से जनता के धन का दुरुपयोग करने और अपना साम्राज्य खड़ा करने का खुला अवसर मिला।
प्रतीकात्मक भाषा में बोले बाबुल—’60’ का समूह और ‘सांप’ बनकर घूम रहा व्यक्ति सबसे चौंकाने वाला
बाबुल सुप्रियो ने अपने डिजिटल पोस्ट में कुछ बेहद रहस्यमयी और प्रतीकात्मक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसने बंगाल के राजनीतिक गलियारों में अटकलों और सरगर्मियों को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। उन्होंने लिखा कि शुरुआत में ढिलाई पाने वाले कई विवादित चेहरे बाद में तथाकथित “60” के समूह का हिस्सा बन गए। हालांकि उन्होंने इस “60” की संख्या को पूरी तरह स्पष्ट नहीं किया, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे टीएमसी के बागी विधायकों के उस समूह से जोड़कर देख रहे हैं, जिनकी संख्या वर्तमान में 58 बताई जा रही है और बागियों द्वारा इसके 60 पार होने का दावा किया जा रहा है। इसके साथ ही बाबुल ने एक और तीखा हमला बोलते हुए बिना नाम लिए कहा कि एक व्यक्ति उन्हें सबसे ज्यादा चौंकाने वाला लगा, वे कभी सोच भी नहीं सकते थे कि “एक व्यक्ति सांप के रूप में हमारे बीच घूम रहा था।”
भाजपा को भी दी नसीहत, अंत में बताया अपनी व्यक्तिगत राय
अपनी इस लंबी राजनैतिक पोस्ट के अंत में बाबुल सुप्रियो ने देश की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को नसीहत देते हुए कहा कि अन्य दलों (विशेषकर टीएमसी) से टूटकर आने वाले दागियों और भ्रष्ट नेताओं को अपने पाले में शामिल करने की भूल भाजपा को दोबारा नहीं दोहरानी चाहिए, क्योंकि ऐसे अवसरवादी नेताओं से आगे चलकर केवल राजनीतिक विवाद और अराजकता ही पैदा होती है। हालांकि, अपनी ही सरकार और मुख्यमंत्री को सीधे निशाने पर लेने के बाद मचे हड़कंप को भांपते हुए बाबुल ने अंत में यह भी लिख दिया कि यह पूरी टिप्पणी विशुद्ध रूप से उनकी व्यक्तिगत अभिव्यक्ति और राय है, इसका उनकी पार्टी के आधिकारिक रुख या स्थिति से कोई लेना-देना नहीं है।
