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Thursday, June 4, 2026

दिलीप घोष का अभिषेक बनर्जी पर बड़ा बयान: बोले—बीमारी का नाटक कर कानून से बच नहीं पाएंगे टीएमसी महासचिव, जेल जाना तय

कोलकाता । भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर चौतरफा गंभीर आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में गुरुवार सुबह प्रातःकालीन सैर (मॉर्निंग वॉक) के दौरान मीडियाकर्मियों से अनौपचारिक बातचीत करते हुए दिलीप घोष ने दावा किया कि अभिषेक बनर्जी केंद्रीय जांच एजेंसियों और कानून की कड़ाई से बचने के लिए लगातार बीमारी का नाटक कर रहे हैं। उन्होंने दोटूक लहजे में कहा कि वे चाहे जितने जतन कर लें, लेकिन अंततः वे कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएंगे और उनका जेल जाना पूरी तरह तय है।

पार्थ चटर्जी और अनुब्रत मंडल की तरह बहानेबाजी कर रहे हैं अभिषेक: दिलीप घोष

दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस के पुराने कद्दावर नेताओं का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे पहले भी भ्रष्टाचार के मामलों में फंसे टीएमसी के कई शीर्ष नेता जैसे पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और बीरभूम के कद्दावर नेता अनुब्रत मंडल बीमारी का बहाना बनाकर कानून को गुमराह करने और बचने की कोशिशें कर चुके हैं। लेकिन, देश की स्वतंत्र जांच एजेंसियों ने उनके भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूत ढूंढ निकाले और अंततः उन्हें जेल की सलाखों के पीछे जाना ही पड़ा। घोष ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में हुए विभिन्न कथित घोटालों और भ्रष्टाचार का काला धन (कमीशन) सीधे तौर पर अभिषेक बनर्जी तक पहुँचा है।

कोयला, बालू और पशु तस्करी का पैसा शीर्ष स्तर तक जाने का दावा

भाजपा नेता ने राज्य सरकार और सत्ताधारी दल को घेरते हुए आरोप लगाया कि बंगाल में पिछले कई वर्षों से धड़ल्ले से चल रहे अवैध कोयला उत्खनन, बालू खनन (सैंड माइनिंग) और भारत-बांग्लादेश सीमा पर होने वाली पशु तस्करी जैसे गंभीर मामलों से जुड़ा करोड़ों रुपये का सिंडिकेट धन राज्य में शीर्ष राजनीतिक स्तर तक गया है। घोष ने दावा किया कि इन सभी अवैध व्यापारिक गतिविधियों और वित्तीय लेन-देन के पीछे अभिषेक बनर्जी की मुख्य सांगठनिक भूमिका रही है, जिसकी जांच अब अपने अंतिम पड़ाव पर है।

भतीजावाद और आंतरिक गुटबाजी पर साधा निशाना, बोले—टीएमसी का भविष्य अब खत्म

तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही हालिया सांगठनिक हलचल, कालीघाट की बैठक में विधायकों की सामूहिक अनुपस्थिति और आपसी मतभेद को लेकर पूछे गए सवाल पर दिलीप घोष ने कहा कि पार्टी में जो वर्तमान अराजक स्थिति बनी है, वह पहले से ही अपेक्षित थी। उन्होंने कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि अभिषेक बनर्जी का तृणमूल कांग्रेस के जमीनी संघर्ष से कभी कोई वास्तविक या भावनात्मक जुड़ाव नहीं रहा है; वे केवल और केवल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे होने के पारिवारिक संबंध के कारण ही राजनीति में रातों-रात शीर्ष पद पर आगे बढ़े हैं।

घोष ने अंत में कहा, “टीएमसी में भ्रष्टाचार और जबरन वसूली (कट मनी) की प्रवृत्ति लंबे समय से संस्थागत रूप ले चुकी है। इस पार्टी ने अपने 15 सालों के कुशासन में पूरे बंगाल को आर्थिक और सामाजिक रूप से बर्बाद कर दिया है। अब राज्य की जनता इन्हें और नहीं देखना चाहती, संगठन पूरी तरह टूट की ओर बढ़ रहा है और राजनीतिक स्तर पर इस भ्रष्ट ढांचे का अंत होना अत्यंत आवश्यक है।”

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