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Wednesday, June 3, 2026

बिहार में औद्योगिक क्रांति की तैयारी: राज्य में बनेंगे 11 मेगा इंडस्ट्रियल पार्क, 50 हजार एकड़ का बनेगा लैंड बैंक

पटना| बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की आर्थिक और सामाजिक तस्वीर बदलने के लिए औद्योगिक विकास को सबसे जरूरी बताया है। बुधवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में उद्योग विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निवेश संवर्धन, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे के विस्तार को लेकर कई बड़े और कड़े निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि औद्योगिक विकास के रास्ते ही बिहार समृद्धि की ओर आगे बढ़ेगा।

राज्य को उद्योग और निवेश के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बिहार में 11 मेगा इंडस्ट्रियल पार्क स्थापित करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने और किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए राज्य के सभी 38 जिलों में फूड पार्क विकसित करने के काम में तेजी लाने को कहा गया है।

उद्योगों की स्थापना में जमीन की सबसे बड़ी अड़चन को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने राज्य में 50 हजार एकड़ का ‘लैंड बैंक’ तैयार करने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भूमि के चिह्नीकरण और अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। इसके लिए जिलाधिकारियों (डीएम) को स्थानीय लोगों से सीधा संवाद करने और उन्हें जमीन का उचित मूल्य देकर आपसी सहमति से प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है ताकि विकास परियोजनाओं में कोई देरी न हो।

बिहार को ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (व्यापार सुगमता) के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निवेशकों को सभी आवश्यक अनुमतियां और लाइसेंस तय समय सीमा के भीतर मिलने चाहिए। साथ ही, उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के लिए अधिकारियों को औद्योगिक संगठनों के साथ नियमित बैठकें और नीतिगत सुधार करने की हिदायत दी गई है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मा और एमएसएमई (MSME) सेक्टर को बिहार के लिए गेम-चेंजर बताया। उन्होंने राज्य में एक बड़े टेक्सटाइल इंडस्ट्रियल सेंटर की स्थापना की दिशा में ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। इसके अलावा, ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए वित्तीय व तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की बात कही, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें।

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