नई दिल्ली/चेन्नई | तमिलनाडु की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने मंगलवार (2 जून) को अपने पद और पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को अपना पांच पन्नों का विस्तृत त्यागपत्र सौंपा। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के तुरंत बाद उन्होंने देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की और फिर चेन्नई के लिए रवाना हो गए।
राष्ट्रीय स्तर पर रोकने की कोशिशें रहीं नाकाम
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और संगठन महासचिव बी. एल. संतोष के साथ हुई इस बैठक में अन्नामलाई ने बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में पार्टी से अलग होने की इच्छा जताई। उन्होंने साफ शब्दों में नेतृत्व से कहा कि अब वह राजनीति में अपना रास्ता खुद तय करना चाहते हैं।
बताया जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व उन्हें रोकने का प्रयास कर रहा था। उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर कोई बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी भी की जा रही थी, यहाँ तक कि उन्हें अगले आदेश तक दिल्ली में ही रुकने की सलाह दी गई थी, लेकिन अन्नामलाई अपने फैसले पर अडिग रहे।
लंबे समय से चल रही थीं अटकलें
अन्नामलाई के इस्तीफे की खबरें पिछले कुछ महीनों से राजनीतिक गलियारों में तैर रही थीं। विशेषकर वर्ष 2025 में जब उनकी जगह नैनार नागेंद्रन को तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया, तब से इन चर्चाओं को और बल मिला। इसके अलावा, पूर्व मुख्यमंत्री एम. जी. रामचंद्रन और जयललिता पर उनके आक्रामक बयानों के चलते अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) के साथ गठबंधन में तनाव पैदा हो गया था, जिसका खामियाजा दोनों ही दलों को उठाना पड़ा।
हाल ही में मदुरै और कोयंबटूर में उनके समर्थकों द्वारा लगाए गए बड़े-बड़े पोस्टरों ने भी इस बात के संकेत दे दिए थे, जिनमें उनसे ‘अगला अवतार’ लेने और ‘तमिलनाडु को बचाने’ की भावुक अपील की गई थी।
भारतीय पुलिस सेवा की नौकरी छोड़ राजनीति में रखा था कदम
वर्ष 2020 में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की प्रतिष्ठित नौकरी छोड़कर राजनीति में आने वाले अन्नामलाई तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी के सबसे युवा अध्यक्ष बने थे। उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि वे अब राज्य में एक बड़ा जन आंदोलन शुरू करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि यह आंदोलन भविष्य में किसी नए राजनीतिक दल का रूप लेगा या नहीं। स्वयं अन्नामलाई ने कहा है कि वह अगले दो दिनों के भीतर अपने भविष्य की रणनीति और रुख को पूरी तरह से जनता के सामने स्पष्ट कर देंगे।
द्रविड़ युग के अंत की शुरुआत?
अन्नामलाई का यह इस्तीफा तमिलनाडु की राजनीति में एक बहुत बड़ा मोड़ माना जा रहा है। खासकर अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय के सियासी मैदान में तेजी से उभरने के बाद राज्य का पूरा राजनीतिक परिदृश्य बदल चुका है। अन्नामलाई के करीबियों के अनुसार, उनका मानना है कि विजय के उदय के साथ ही तमिलनाडु में पारंपरिक द्रविड़ राजनीति के युग का अंत हो चुका है और अब केवल भाषा के मुद्दों पर आधारित पुरानी राजनीति काम नहीं आएगी।
