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Tuesday, June 2, 2026

अंतर-जिला वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, 20 चोरी की बाइक के साथ दो गिरफ्तार

पश्चिमी सिंहभूम । पश्चिमी सिंहभूम जिला पुलिस और जमशेदपुर पुलिस ने एक बड़े और सुव्यवस्थित तरीके से चल रहे संगठित वाहन चोर गिरोह का संयुक्त रूप से पर्दाफाश किया है। दोनों जिलों की पुलिस टीमों ने एक विशेष और समन्वित अभियान चलाकर अलग-अलग ठिकानों से चोरी की 20 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 25 से 30 लाख रुपये आंकी जा रही है। हाल के वर्षों में जिले के भीतर दुपहिया वाहनों की बरामदगी का यह सबसे बड़ा मामला माना जा रहा है। इस कार्रवाई में संलिप्त दो मुख्य शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

एसपी को मिली गुप्त सूचना के बाद बनी दोनों जिलों की संयुक्त रणनीति

इस बड़े पुलिसिया एक्शन की पृष्ठभूमि साझा करते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमित रेणु ने बताया कि उन्हें नोवामुंडी थाना क्षेत्र में चोरी की मोटरसाइकिलों की अवैध खरीद-बिक्री से जुड़ा एक ठोस गुप्त इनपुट मिला था। सूचना पर त्वरित संज्ञान लेते हुए किरीबुरु अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। इसी दौरान पता चला कि जमशेदपुर की सिदगोड़ा थाना पुलिस भी एक कुख्यात वाहन चोर का पीछा करते हुए इसी इलाके में आई हुई है। इसके बाद दोनों जिला पुलिस ने आपसी समन्वय स्थापित कर एक संयुक्त रणनीतिक घेराबंदी तैयार की और संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ दबिश दी।

सोनू लोहरा की निशानदेही पर जंगलों और ग्रामीण इलाकों से बरामद हुईं 20 बाइकें

संयुक्त पुलिस टीम ने सबसे पहले डुकासाई क्षेत्र से सोनू लोहरा उर्फ भोला (20 वर्ष) को हिरासत में लिया। कड़ाई से की गई पूछताछ में उसने अंतर-जिला वाहन चोरी नेटवर्क के पूरे तौर-तरीकों (मोडस ऑपेरंडी) का खुलासा कर दिया। उसकी सटीक निशानदेही पर डुकासाई, टोंटोगाढ़ा, टाटीबा बिरहोर टोला सहित पास के घने जंगलों और सुदूर ग्रामीण इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। गिरोह चोरी की गई मोटरसाइकिलों को इन्हीं सुनसान जंगलों में छिपाकर रखता था और बाद में उनकी नंबर प्लेट बदलकर या चेसिस नंबर से छेड़छाड़ कर बेहद कम दामों पर ग्रामीण क्षेत्रों में खपाने की तैयारी में था।

जमशेदपुर और पश्चिमी सिंहभूम के रहने वाले हैं गिरफ्तार शातिर अपराधी

इस मामले में गिरफ्तार किए गए अपराधियों में सोनू लोहरा उर्फ भोला (निवासी बिरसानगर जोन नंबर-3, जमशेदपुर) और राज पुरती (23 वर्ष, निवासी टोटोंगढ़ा, थाना छोटानागरा, पश्चिमी सिंहभूम) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह कई जिलों में सक्रिय है और बरामद बाइकों के मूल मालिकों का पता लगाने के लिए उनके इंजन और चेसिस नंबर की जांच की जा रही है। इस सफल अभियान को धरातल पर उतारने में किरीबुरु के एसडीपीओ बिनित कुमार किंडो, इंस्पेक्टर बासुदेव मुंडा, नोवामुंडी थाना प्रभारी नयन कुमार सिंह सहित सिदगोड़ा थाने के सब-इंस्पेक्टर दानियल सांगा और सशस्त्र बलों ने सराहनीय भूमिका निभाई है।

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