अमेठी । सामाजिक मीडिया (सोशल मीडिया) पर की गई एक आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर मंगलवार की देर रात अमेठी कस्बे के सुल्तानपुर मार्ग पर स्थित आवास विकास कॉलोनी में जमकर बवाल हुआ। यहाँ पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति एवं समाजवादी पार्टी (सपा) की वर्तमान अमेठी विधायक महाराजी प्रजापति के निजी निवास पर दो दर्जन से अधिक लोगों ने पहुँचकर हंगामा किया। आरोप है कि चार पहिया गाड़ियों (स्कॉर्पियो) से पहुँचे अराजक तत्वों ने विधायक और पूर्व मंत्री के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणियां कीं। विधायक पुत्र की लिखित शिकायत (तहरीर) पर स्थानीय पुलिस ने गंभीर धाराओं में आपराधिक केस दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
सामाजिक मीडिया की अभद्र टिप्पणी बनी विवाद की वजह
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रजापति परिवार के करीबी धीरज पाल (जो हाल ही में जेल से छूटकर बाहर आया है) द्वारा समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता शेर बहादुर यादव के खिलाफ फेसबुक पर व्यक्तिगत रूप से अभद्र टिप्पणी की गई थी। इस बात से आक्रोशित होकर शेर बहादुर यादव और उनके तमाम समर्थक देर रात विधायक निवास पहुँच गए और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आवास पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों व कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई और उनके मोबाइल फोन भी छीन लिए गए। घटना के समय विधायक और उनके बड़े पुत्र घर पर मौजूद नहीं थे। मामले की भनक लगते ही विधायक के छोटे बेटे अनुराग प्रजापति अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुँचे और पुलिस को सूचित किया।
विधायक पुत्र ने मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख से की कड़ी कार्रवाई की मांग
अनुराग प्रजापति ने कोतवाली में दी गई तहरीर में सपा नेता शेर बहादुर यादव, बृजेश यादव, जय सिंह प्रताप, बलराम यादव, अनुराग यादव, मनु पाल, विपिन यादव, राजेश यादव और शुभम यादव समेत कई अज्ञात लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी सार्वजनिक कार्यक्रमों और इंटरनेट मीडिया पर लगातार विधायक परिवार की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे थे। घटना के दौरान परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई। विधायक पुत्र ने मुख्यमंत्री, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मामले का संज्ञान लेते हुए कठोर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
11 नामजद और दो दर्जन अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस
इस पूरे घटनाक्रम के संबंध में पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) मनोज मिश्र ने बुधवार को बताया कि हंगामे की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर भेजा गया था, हालांकि पुलिस के पहुँचने से पहले ही आरोपी वहाँ से फरार हो चुके थे। पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर 11 नामजद समेत दो दर्जन अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर ली गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है तथा आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया गया है।
