33 C
Kolkata
Monday, May 18, 2026

चितरपुर प्रखण्ड कार्यालय में अव्यवस्था पर उपायुक्त ने की कार्रवाई, अधिकारियों-कर्मचारियों के वेतन पर रोक लगाई

रामगढ़ । रामगढ़ के उपायुक्त ऋतुराज जिले के प्रशासनिक कार्यों में सुधार को लेकर लगातार सख्ती दिखा रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को उन्होंने चितरपुर प्रखंड कार्यालय का औचक निरीक्षण किया, जहां कई विभागों का कार्य संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उन्होंने कड़ी कार्रवाई की।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा में कार्यों की स्थिति असंतोषजनक पाए जाने पर उन्होंने तीनों अधिकारियों सहित संबंधित कार्यालयों के सभी अधिकारियों और कर्मियों के वेतन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी।

उपायुक्त ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर कार्यशैली और व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान कार्यालयों में संचालित कार्यों, अभिलेखों के रख-रखाव, साफ-सफाई, कर्मचारियों की उपस्थिति तथा आम लोगों को दी जा रही सेवाओं की विस्तार से जांच की गई। इस दौरान कई महत्वपूर्ण पंजियों और दस्तावेजों का संधारण निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। कार्यालय परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी खराब मिली।

उपायुक्त ऋतुराज ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पूर्व में भी कार्यालयों के समुचित संधारण, अभिलेखों के अद्यतन रख-रखाव और साफ-सफाई को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, लेकिन उनका पालन नहीं किया गया। उन्होंने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही करार दिया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों और कर्मियों को कार्यालयों में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आम जनता को बेहतर प्रशासनिक सेवा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने राजस्व शिविर में मौजूद ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि सरकार की योजनाओं और राजस्व सेवाओं का लाभ आम लोगों तक पारदर्शी और त्वरित रूप से पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि शिविर के दौरान प्राप्त आवेदनों का यथासंभव मौके पर ही निष्पादन किया जाए। जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव नहीं है, उनमें स्पष्ट समयसीमा तय कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शिविर के दौरान निष्पादित मामलों के आवेदकों के बीच दाखिल-खारिज से संबंधित प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।

इस दौरान भूमि सुधार उप समाहर्ता दीप्ति प्रियंका कुजूर, प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय शाखा रविंद्र कुमार गुप्ता सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

Related Articles

नवीनतम लेख