33 C
Kolkata
Wednesday, May 13, 2026

झारखंड के दिग्गज जननेता माधव लाल सिंह का निधन; सरयू राय और दुलाल भुईयां ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

पूर्वी सिंहभूम । गोमिया के पूर्व विधायक माधव लाल सिंह के निधन से झारखंड के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। अपनी सादगी, ईमानदारी और जमीनी संघर्ष के लिए पहचाने जाने वाले माधव लाल सिंह के निधन को राज्य की राजनीति के एक ‘निस्वार्थ अध्याय’ का अंत माना जा रहा है। जमशेदपुर सहित पूरे राज्य में विभिन्न नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें नमन किया है।

सरयू राय: “विलेन की तरह उग्रवाद के बीच संघर्ष करने वाला निस्वार्थ नेता”
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि माधव लाल सिंह जैसा व्यक्तित्व विरले ही मिलता है। उन्होंने याद किया कि कैसे माधव लाल जी उग्रवाद प्रभावित इलाकों में भी रात-रात भर पैदल चलकर ग्रामीणों और आदिवासियों की समस्याओं को सुलझाते थे। राय ने कहा “वे सत्ता या पद के भूखे नहीं थे, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज थे। उन्होंने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया और हमेशा गरीबों के हक के लिए लड़े।”

दुलाल भुईयां: “झारखंड ने खो दिया गरीबों का मसीहा”
पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां ने उनके निधन को राज्य के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि माधव लाल सिंह ने अपना पूरा जीवन वंचितों और आदिवासियों के अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया। उनका संघर्षशील जीवन आने वाली पीढ़ी के राजनेताओं के लिए हमेशा एक प्रेरणा स्रोत बना रहेगा।

जनसरोकारों की राजनीति का अंत
माधव लाल सिंह गोमिया क्षेत्र में अपनी गहरी पैठ और सरल स्वभाव के लिए जाने जाते थे। उनके निधन पर शोक जताने वालों का कहना है कि उन्होंने दिखावे की राजनीति से दूर रहकर हमेशा जनसेवा को प्राथमिकता दी।

Related Articles

नवीनतम लेख