भागलपुर । सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की सनसनीखेज हत्या के मुख्य आरोपी रामधनी यादव को पुलिस ने बुधवार तड़के एक मुठभेड़ में मार गिराया है। इस खूनी संघर्ष में खाकी की लाज बचाते हुए तीन पुलिसकर्मी भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हथियार बरामद करने गई टीम पर घात लगाकर हमला
मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय में हुई हत्या के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी रामधनी यादव को दबोच लिया था। बुधवार सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच भागलपुर पुलिस की स्पेशल टीम उसे हथियार बरामदगी के लिए गुप्त स्थान पर ले गई थी।
पुलिस के पहुँचते ही वहां पहले से छिपे रामधनी के गुर्गों ने आधुनिक हथियारों से टीम को घेर लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इसी का फायदा उठाकर रामधनी ने पुलिस का हथियार छीनकर भागने का प्रयास किया।
20 मिनट चली मुठभेड़ में मारा गया अपराधी
पुलिस ने आत्मरक्षा में मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई शुरू की। करीब 15 से 20 मिनट तक चली इस मुठभेड़ में दर्जनों राउंड गोलियां चलीं। मुठभेड़ में रामधनी को कई गोलियां लगीं। उसे तुरंत मायागंज अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अपने सरगना को गिरता देख अन्य अपराधी अंधेरे और झाड़ियों का फायदा उठाकर भाग निकले।
अस्पताल बना छावनी, जवानों का इलाज जारी
इस मुठभेड़ में घायल तीनों बहादुर पुलिसकर्मियों का इलाज मायागंज अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में चल रहा है। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। एहतियात के तौर पर पूरे अस्पताल परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।
सुल्तानगंज में हुए इस खूनी तांडव के मुख्य आरोपी के खात्मे के बाद इलाके में भारी पुलिस गश्ती जारी है।

