आसनसोल/सिंगूर । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के बीच सिंगूर में भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रत्याशी बेचाराम मन्ना के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने सिंगूर थाने का घेराव कर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। मन्ना रात भर थाना गेट के सामने जमीन पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोले रहे।
“रात के अंधेरे में कार्यकर्ताओं का अपहरण”
बेचाराम मन्ना ने पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का गंभीर आरोप लगाया है। उनके विरोध के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
बिना वारंट हिरासत: मन्ना का आरोप है कि सिंगूर ब्लॉक के विभिन्न क्षेत्रों से टीएमसी के क्षेत्रीय अध्यक्षों और सक्रिय कार्यकर्ताओं को रात के अंधेरे में उनके घरों से उठाकर थाने लाया जा रहा है।
अकारण उत्पीड़न: उन्होंने दावा किया कि जिन कार्यकर्ताओं के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं है, उन्हें भी घंटों थाने में बैठाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
भाजपा को फायदा पहुँचाने का आरोप: टीएमसी नेता ने आरोप लगाया कि केंद्रीय बल भाजपा को चुनावी लाभ दिलाने के लिए पुलिस के साथ मिलकर दहशत फैला रहे हैं।
कार्यकर्ता की पिटाई से भड़का आक्रोश
सिंगूर के बुड़िग्राम इलाके में एक और घटना ने आग में घी डालने का काम किया। आरोप है कि तृणमूल कार्यकर्ता सनत कुमार धारा अपने घर के बाहर बैठे थे, तभी केंद्रीय बल और राज्य पुलिस के जवानों ने उनकी कथित तौर पर बेरहमी से पिटाई कर दी। गंभीर रूप से घायल सनत को सिंगूर ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रशासनिक मुस्तैदी
थाने के बाहर बढ़ती भीड़ और तनाव को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। टीएमसी का कहना है कि जब तक उनके कार्यकर्ताओं को रिहा नहीं किया जाता और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
सिंगूर की इस घटना ने दूसरे चरण के मतदान के दिन राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्मा दिया है।

