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Thursday, April 23, 2026

रांची विश्वविद्यालय में NHRC का दौरा: कॉलेजों में बनेंगे मानवाधिकार सेल, मानवाधिकार पर सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने का सुझाव

रांची | राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के विशेष पर्यवेक्षक प्रोफेसर कन्हैया त्रिपाठी ने बुधवार (22 अप्रैल) को रांची विश्वविद्यालय का दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों में मानवाधिकार, लैंगिक समानता और संस्थागत व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति का आकलन करना था।

छात्रों और शिक्षकों से सीधा संवाद
प्रो. त्रिपाठी ने रांची वीमेंस कॉलेज सहित कई विभागों का निरीक्षण किया। इसके बाद शहीद चौक स्थित कुलपति कॉन्फ्रेंस हॉल में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कुलपति प्रोफेसर सरोज शर्मा ने उन्हें विश्वविद्यालय की प्रगति से अवगत कराते हुए बताया कि यहाँ लगभग 75 प्रतिशत छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं और शैक्षणिक परिणामों (स्वर्ण पदक) में भी उनका दबदबा है।

प्रमुख सुझाव: मानवाधिकार सेल और क्लब का होगा गठन
दौरे के दौरान प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं की सराहना की और कई सुधारात्मक सुझाव दिए:
नोडल केंद्र: रांची विश्वविद्यालय को सभी संबद्ध कॉलेजों के मानवाधिकार सेल और क्लब का नोडल केंद्र बनाने का प्रस्ताव।
शैक्षणिक पहल: मानवाधिकार विषय पर विशेष सर्टिफिकेट कोर्स, नियमित वर्कशॉप और सेमिनार शुरू करने पर जोर।
सम्मान: इस क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले छात्रों को प्रोत्साहित और सम्मानित किया जाए।
वापसी की राह: 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ चुके विद्यार्थियों को फिर से मुख्यधारा से जोड़ने की पहल।

महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य पर जोर
पर्यवेक्षक ने प्रेरणादायक पहल के रूप में भारत की पहली महिला कुलपति डॉ. हंसा मेहता के योगदान को छात्रों तक पहुँचाने का सुझाव दिया। साथ ही, विश्वविद्यालय के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की तारीफ करते हुए इसमें आयुर्वेद और होम्योपैथी सेवाओं को भी जोड़ने की सलाह दी।

आदिवासी बहुल राज्य में मानवाधिकार की महत्ता
कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने इन सुझावों पर गंभीरता से अमल करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा “झारखंड जैसे आदिवासी बहुल राज्य में मानवाधिकार का विषय अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण है। हम विशाखा दिशा-निर्देशों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लीगल स्टडीज विभाग में मानवाधिकार शिक्षा को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

पृथ्वी दिवस कार्यक्रम में शिरकत
दौरे के अंत में प्रो. त्रिपाठी ने पीजी बॉटनी विभाग में आयोजित पृथ्वी दिवस कार्यक्रम में भी भाग लिया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और मानवाधिकार के बीच के गहरे संबंध पर अपने विचार साझा किए। इसके बाद उन्होंने टीआरएल (TRL) विभाग और आईक्यूएसी (IQAC) का निरीक्षण कर शोध गतिविधियों की जानकारी ली।

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