मुर्शिदाबाद । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान के दौरान मुर्शिदाबाद का डोमकल इलाका रणक्षेत्र बन गया। यहाँ माकपा (CPM) और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के समर्थकों के बीच तीखी झड़प और तनाव की खबरें सामने आई हैं। चुनाव आयोग ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए प्रशासन से तत्काल ‘कार्रवाई रिपोर्ट’ तलब की है।
मतदाताओं को रोकने का आरोप
गुरुवार सुबह डोमकल के रायपुर क्षेत्र में उस वक्त तनाव फैल गया, जब माकपा समर्थकों ने आरोप लगाया कि तृणमूल कार्यकर्ताओं द्वारा उन्हें मतदान केंद्र जाने से रोका जा रहा है। स्थानीय लोगों का दावा है कि बुधवार रात से ही इलाके में टकराव की स्थिति बनी हुई थी।
सुरक्षा बलों की भूमिका पर उठे सवाल
शुरुआत में ग्रामीणों ने केंद्रीय सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस पर निष्क्रियता के आरोप लगाए। हालांकि, स्थिति बिगड़ते देख सुरक्षा बल हरकत में आए। सुरक्षा बलों ने लाउडस्पीकर से घोषणा कर मतदाताओं को निडर होकर बाहर आने की अपील की। इसके बाद कड़े सुरक्षा घेरे में वाम समर्थकों को बूथ तक पहुँचाया गया। एसडीपीओ शुभम बजाज ने बूथ संख्या 217 का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान टीएमसी नेता हुमायूं कबीर को भी मतदाताओं के विरोध का सामना करना पड़ा।
चुनाव आयोग सख्त
डोमकल की इस घटना ने पहले चरण की वोटिंग के बीच कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान प्रक्रिया में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने जिले के आला अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हर हाल में निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित किया जाए। तृणमूल कांग्रेस की ओर से फिलहाल इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

