जयपुर । राजस्थान में तपिश ने अब लोगों को झुलसाना शुरू कर दिया है। मरुधरा के कई हिस्सों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर चुका है। श्रीगंगानगर 43.7°C के साथ प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा। भीषण गर्मी और लू (Heatwave) की आहट को देखते हुए मौसम विभाग और प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड पर है।
24 अप्रैल से लू की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, 24 अप्रैल से प्रदेश के कई जिलों में भीषण हीटवेव चलने की संभावना है। इसे लेकर प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है कि लोग दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें।
स्कूलों के समय में बदलाव
बढ़ती गर्मी का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। इसे देखते हुए जयपुर जिला प्रशासन ने कक्षा 8वीं तक के स्कूलों के समय में बदलाव किया है। नया समय 27 अप्रैल से लागू होगा, ताकि मासूमों को तपती दोपहर और लू के थपेड़ों से बचाया जा सके।
प्रमुख शहरों का हाल
पिछले 24 घंटों में राजस्थान के विभिन्न शहरों में तापमान का मीटर तेजी से ऊपर चढ़ा है:
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | स्थिति |
| श्रीगंगानगर | 43.7° | धूलभरी हवाएं और भीषण गर्मी |
| कोटा | 42.1° | सड़कों पर दोपहर में सन्नाटा |
| पिलानी/चित्तौड़गढ़ | 42.0°+ | लू का असर शुरू |
| अलवर | 41.8° | सीजन की पहली लू दर्ज |
| जयपुर | 40.5° | गर्म हवाओं का दौर जारी |
बचाव के लिए प्रशासन की तैयारी
राजधानी जयपुर समेत कई शहरों में आमजन को राहत देने के लिए जगह-जगह प्याऊ की व्यवस्था की गई है। अजमेर, जोधपुर और उदयपुर जैसे पर्यटन शहरों में भी दोपहर के समय पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही कम देखी जा रही है। सीकर और बीकानेर जैसे रेतीले इलाकों में लोग खान-पान में बदलाव कर (जैसे छाछ, राबड़ी और अधिक पानी) खुद को हाइड्रेटेड रखने की कोशिश कर रहे हैं।
सावधानी ही बचाव है: मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में तापमान में और इजाफा होगा, इसलिए सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है।

