नई दिल्ली | संसद के विशेष सत्र में बुधवार को केंद्र सरकार ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से जुड़े तीन महत्वपूर्ण विधेयक सदन के पटल पर रखे। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक और परिसीमन (डिलिमिटेशन) बिल पेश किया, वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित संशोधन विधेयक पेश किया। विधेयकों के पेश होते ही विपक्ष ने एकजुट होकर विरोध शुरू कर दिया, जिससे सदन की कार्यवाही में काफी गहमागहमी देखी गई।
‘कोटा के भीतर कोटा’ पर छिड़ी जंग: अमित शाह का विपक्ष को कड़ा जवाब
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने बिल के वर्तमान स्वरूप पर सवाल उठाए हैं। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव और अखिलेश यादव ने मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग आरक्षण की मांग की, जिस पर गृहमंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि धर्म के आधार पर आरक्षण असंवैधानिक है। शाह ने पलटवार करते हुए कहा कि अगर समाजवादी पार्टी मुस्लिम महिलाओं को प्रतिनिधित्व देना चाहती है, तो वह स्वेच्छा से उन्हें टिकट दे सकती है, इसमें सरकार को कोई आपत्ति नहीं होगी।
लोकसभा में बढ़ेंगी सीटें: 850 सांसदों का सदन और 273 महिला आरक्षित सीटें प्रस्तावित
प्रस्तावित नए संशोधन बिल के अनुसार, भविष्य में लोकसभा की कुल सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 की जा सकती है। इसमें राज्यों के लिए 815 और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 35 सीटें आवंटित करने का प्रस्ताव है। इस विस्तार के बाद महिलाओं के लिए कुल 273 सीटें आरक्षित होंगी। हालांकि, सीटों का यह सटीक निर्धारण आगामी परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रभावी हो पाएगा।

