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Monday, April 13, 2026

पूर्व प्राचार्य की पुनः पदस्थापना को लेकर केयू के छात्रों का प्रदर्शन

पश्चिमी सिंहभूम । चाईबासा स्थित टाटा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ सुदेश चंद्र दास की पुनः पदस्थापना की मांग को लेकर सोमवार को कोल्हान विश्वविद्यालय (केयू) परिसर में छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह आंदोलन झारखंड छात्र मोर्चा, पश्चिमी सिंहभूम के बैनर तले पूर्व छात्र नेता पीपुन बारीक और झामुमो के छात्र मोर्चा जिला अध्यक्ष सनातन पिंगुवा के नेतृत्व में हुआ।

प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों छात्र-छात्राएं एकत्रित हुए और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

धरना-प्रदर्शन के बाद छात्र प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति को ज्ञापन सौंपा, जिसमें डॉ सुदेश चंद्र दास को पुनः टाटा कॉलेज में प्राचार्य पद पर बहाल करने की मांग की गई।

छात्रों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में हाल के दिनों में प्राचार्यों और वरिष्ठ शिक्षकों का मनमाना स्थानांतरण किया जा रहा है, जिससे शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

उनका कहना है कि डॉ सुदेश चंद्र दास को अचानक प्राचार्य पद से हटाकर बहरागोड़ा कॉलेज में प्रोफेसर के रूप में भेजना उनके अनुभव और योगदान की अनदेखी है।

धरना को संबोधित करते हुए पीपुन बारीक ने कहा कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि योग्य और अनुभवी प्राचार्य को हटाने से छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा। वहीं सनातन पिंगुवा ने कहा कि प्राचार्य के स्थानांतरण से छात्र निराश हैं, क्योंकि उनके नेतृत्व में कॉलेज में शिक्षा और अनुशासन में सुधार हुआ था।

छात्र मोर्चा के सचिव अनुज पुरती ने कहा कि इस फैसले से कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था और विकास कार्य प्रभावित होंगे। उन्होंने कुलपति से निर्णय पर पुनर्विचार कर प्राचार्य का स्थानांतरण रद्द करने की मांग की।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि इस प्रकार के निर्णय संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 की भावना के विपरीत है। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

मौके पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

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