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Monday, April 13, 2026

घाटशिला महाविद्यालय में संविधान पर क्विज प्रतियोगिता आयाेजित

पूर्वी सिंहभूम। जिले के घाटशिला महाविद्यालय में सोमवार को डॉ भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से अपने संविधान को जानें विषय पर एक रोचक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में कुल 10 समूहों ने भाग लिया, जिनमें प्रत्येक समूह में पांच-पांच विद्यार्थी शामिल थे। प्रतियोगिता में दर्शकों के लिए भी एक विशेष समूह बनाया गया था, जिससे पूरे आयोजन में उत्साह और सहभागिता का माहौल बना रहा।

कार्यक्रम का संचालन प्रो इंदल पासवान ने क्विज मास्टर के रूप में किया। स्कोरर की जिम्मेदारी डॉ सोमा सिंह, प्रो पूंजीशा बेदिया और प्रो शंकर माहली ने निभाई, जबकि टाइम कीपर के रूप में डॉ चिरंतन महतो सक्रिय रहे। इस दौरान डॉ दिलचंद राम, डॉ संदीप चंद्रा, डॉ कृष्णा प्रसाद, डॉ कुमार विशाल और प्रो मानिक मार्दी सहित अन्य शिक्षक भी उपस्थित थे। प्रतियोगिता की खास बात यह रही कि सभी टीमों के नाम झारखंड के प्रमुख पहाड़ों के नाम पर रखे गए थे।

प्रतियोगिता में त्रिकूट पहाड़ समूह ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिसमें धानी मुर्मू, आरसू मुर्मू, सोनाली पातर, सलमा टुडू और छीता मुर्मू शामिल थे। लुगू पहाड़ समूह ने दूसरा स्थान हासिल किया, जिसमें पिंकी राणा, बानी कुमारी सिंह, नीतू राउत, काजल कुमारी और राखी पातर शामिल थीं। वहीं कनारी हिल समूह तीसरे स्थान पर रहा, जिसमें स्वीटी चौबे, पूजा चौबे, पूर्णिमा सामंता, खुशी महतो और स्वस्तिका सिंह ने भाग लिया। सभी विजेताओं को शीघ्र ही प्रमाण पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया जाएगा।

इसी अवसर पर घाटशिला स्थित संत नंदलाल स्मृति विद्या मंदिर में भी डॉ भीमराव आंबेडकर की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय प्रबंधन समिति और शिक्षकों आंबेडकर की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर की गई।

कार्यक्रम के दौरान दयानंद सदन के कॉयर ग्रुप ने सरस्वती वंदना और गुरु वंदना की मनमोहक प्रस्तुति दी। कक्षा छठवीं के छात्र सिद्धार्थ महतो ने सुविचार प्रस्तुत किया, जबकि कक्षा छठवीं की छात्रा साईकृष्णा बिसई ने डॉ आंबेडकर के जीवन, संघर्ष और उपलब्धियों पर प्रभावशाली भाषण देकर सभी को प्रेरित किया।

कार्यक्रम का मंच संचालन छात्रा अनुष्का पॉल ने किया। इसे सफल बनाने में दयानंद सदन के प्रभारी शिक्षक सुरोजित चटर्जी और सुदीपतो घोष की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

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