दुबई: विदेश मंत्री एस. जयशंकर इन दिनों संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। रविवार को उन्होंने अबू धाबी में यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नहयान के साथ मुलाकात की, जहां पश्चिम एशिया संकट और इसके आर्थिक प्रभाव पर गहन चर्चा हुई। इस भेंट के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अबू धाबी में राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नहयान से मिलकर वह सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं पहुंचाई और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान भारतीय समुदाय के कल्याण सुनिश्चित करने के लिए धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और सशक्त बनाने में राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नहयान के मार्गदर्शन की सराहना भी की। बैठक के दौरान दुबई के क्राउन प्रिंस और यूएई के उप-प्रधानमंत्री हमदान बिन मोहम्मद अल मकतूम भी उपस्थित थे, जिनसे बातचीत पर जयशंकर ने संतोष व्यक्त करते हुए भारतीय समुदाय के कल्याण सुनिश्चित करने के प्रयासों को धन्यवाद दिया। गौरतलब है कि इससे पहले शनिवार को जयशंकर ने यूएई के विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद अल नहयान के साथ महत्वपूर्ण बातचीत की थी। इस चर्चा का केंद्र क्षेत्रीय स्थिति में हो रहे बदलाव तथा उनके असर पर था। उन्होंने यूएई में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण को लेकर सराहना जताई और ऐसा विश्वास व्यक्त किया कि दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी आगे भी मजबूत होती रहेगी। जयशंकर ने कठिन क्षेत्रीय परिस्थितियों के बावजूद भारत और यूएई के बीच की पारदर्शी वार्ता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह दौरा सही समय पर हुआ, जिससे ऊर्जा और व्यापार से संबंधित विभिन्न द्विपक्षीय समझौतों की समीक्षा करने में मदद मिली। यूएई में जयशंकर का दौरा उनकी मॉरीशस यात्रा के बाद हुआ, जहां उन्होंने 9वें इंडियन ओशन कॉन्फ्रेंस में भाग लिया। शनिवार, 11 अप्रैल को अबू धाबी पहुंचने के बाद, उन्होंने अपनी हाई-लेवल चर्चाओं का फोकस रणनीतिक संबंधों, ऊर्जा सहयोग और व्यापारिक मुद्दों पर रखा। जयशंकर ने माना कि यूएई भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। उन्होंने यह भी बताया कि इस बातचीत में क्षेत्रीय भू-राजनीतिक चुनौतियां और उनका खाड़ी क्षेत्र पर पड़ रहा प्रभाव केंद्र में था। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में भारत की स्थिरता और सुरक्षा को लेकर गहरी रुचि है, और उन्हें यहां आकर सीधे संवाद करने तथा भारतीय समुदाय से फीडबैक प्राप्त करने का अवसर मिलना बेहद सकारात्मक अनुभव रहा।

