सीवान। सीवान जिले के सिविल कोर्ट को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से शुक्रवार को पूरे न्यायिक परिसर में अफरा-तफरी मच गई। ईमेल के जरिए दी गई इस धमकी ने प्रशासन की नींद उड़ा दी और कुछ ही मिनटों में पूरा कोर्ट परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया।
धमकी भरा मेल प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोतीश कुमार के आधिकारिक ईमेल पर आया, जिसमें सुबह 11:30 बजे कोर्ट को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही एसपी पूरन कुमार झा और डीएम विवेक रंजन मैत्रेय हरकत में आए और तत्काल सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया।
देखते ही देखते बम स्क्वायड, डॉग स्क्वायड और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं। कोर्ट परिसर के चप्पे-चप्पे की सघन तलाशी ली गई। हर आने-जाने वाले व्यक्ति की कड़ी जांच की गई और पूरे इलाके को हाई अलर्ट पर रखा गया। घंटों चली जांच के बाद भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिससे साफ हो गया कि धमकी फर्जी थी।
बार-बार धमकी, प्रशासन के लिए सिरदर्द
यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 28 जनवरी को भी इसी तरह ईमेल के जरिए कोर्ट को उड़ाने की धमकी दी गई थी, लेकिन तब भी जांच में कुछ नहीं मिला था। लगातार मिल रही ऐसी धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
एसपी पूरन कुमार झा ने बताया कि मामले की साइबर जांच शुरू कर दी गई है और मेल भेजने वाले शख्स की पहचान करने की कोशिश जारी है। वहीं, न्यायाधीश मोतीश कुमार ने फिलहाल इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
साजिश या शरारत?
बार-बार फर्जी धमकियों से यह सवाल उठने लगा है कि आखिर कौन है जो न्यायिक व्यवस्था को निशाना बनाकर डर का माहौल बनाना चाहता है। फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी है और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने की तैयारी की जा रही है।

