बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले से सामने आए ट्रेजरी घोटाले ने पूरे राज्य के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। जिस घोटाले को शुरुआती जांच में महज 3 करोड़ का माना जा रहा था, उसकी परतें खुलने के बाद जो आंकड़ा सामने आया है, उसने सबके होश उड़ा दिए हैं।
रिटायर्ड हवलदार के नाम पर ‘बड़ा खेल’
जांच में यह साफ हो गया है कि यह घोटाला 3.15 करोड़ तक सीमित नहीं था। आरोपी एकाउंटेंट कौशल कुमार पांडे ने बड़ी चतुराई से सरकारी खजाने से कुल 4,29,71,007 रुपये (करीब 4.30 करोड़) की अवैध निकासी की है। यह पूरी रकम एक रिटायर्ड हवलदार, उपेंद्र सिंह के नाम पर निकाली जा रही थी, जो साल 2016 में ही सेवानिवृत्त हो चुके थे।
25 महीने, 63 ट्रांजैक्शन और पत्नी का खाता
घोटाले का तरीका इतना शातिर था कि किसी को कानों-कान खबर नहीं हुई: आरोपी एकाउंटेंट ने ट्रेजरी की मास्टर शीट में डेटा के साथ छेड़छाड़ की। उसने रिटायर्ड हवलदार के बैंक विवरण की जगह अपनी पत्नी, अनु पांडे का बैंक खाता नंबर डाल दिया। नवंबर 2023 से मार्च 2026 के बीच कुल 63 बार पैसे ट्रांसफर किए गए।
हजारीबाग तक पहुंची आंच
बोकारो के इस खुलासे के बाद जब राज्य स्तर पर जांच शुरू हुई, तो हजारीबाग में भी करीब 15.41 करोड़ रुपये के वेतन घोटाले का मामला प्रकाश में आया है। अब यह पूरा मामला झारखंड का नया ‘वेतन घोटाला’ बनता जा रहा है, जिसकी कुल राशि 20 करोड़ के पार पहुंच गई है।
प्रशासन की कार्रवाई
बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी कौशल कुमार पांडे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। फिलहाल रांची एजी (AG) ऑफिस की टीम बोकारो में डेरा डाले हुए है और पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि जांच का दायरा बढ़ने पर कई और सफेदपोश चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।

