सिलीगुड़ी । लोकसभा चुनाव से पहले नक्सलबाड़ी का शांत इलाका अचानक रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। बुधवार रात नक्सलबाड़ी के रायपाड़ा इलाके में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं के बीच पोस्टर फाड़ने को लेकर हिंसक झड़प हुई। इस घटना में दोनों पक्षों के कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
विवाद की जड़: पोस्टर और नारेबाजी
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विवाद की शुरुआत तब हुई जब टीएमसी के पोस्टरों को फाड़े जाने का आरोप बीजेपी कार्यकर्ताओं पर लगा। बीजेपी ने जानबूझकर इलाके का माहौल बिगाड़ने के लिए उनके पोस्टर फाड़े। विरोध करने पर उनके 3 कार्यकर्ता घायल हुए। टीएमसी ने ‘बॉयकॉट बीजेपी’ के अवैध पोस्टर लगाए थे। बीजेपी उम्मीदवार आनंदमय बर्मन का कहना है कि पोस्टर हटाने पर टीएमसी ने उनके 8 कार्यकर्ताओं को बुरी तरह पीटा।
अस्पताल में भी आमने-सामने आए उम्मीदवार
झड़प के बाद घायलों को नक्सलबाड़ी ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तनाव वहां भी कम नहीं हुआ। भाजपा उम्मीदवार आनंदमय बर्मन जब घायलों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे, तो टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उनका घेराव कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ ही देर बाद टीएमसी उम्मीदवार शंकर मालाकार भी वहां पहुंच गए, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। दोनों ओर से जमकर नारेबाजी हुई।
नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया
“बीजेपी हार के डर से इलाके की शांति भंग कर रही है। अगर हमारे पोस्टर फिर से फाड़े गए, तो कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे और कड़ी प्रतिक्रिया देंगे।” — शंकर मालाकार, टीएमसी उम्मीदवार
“टीएमसी ने असंवैधानिक पोस्टर लगाए थे। हमारे कार्यकर्ताओं पर हमला करना उनकी हताशा को दर्शाता है। पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।” — आनंदमय बर्मन, बीजेपी उम्मीदवार
वर्तमान में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नक्सलबाड़ी थाने की भारी पुलिस फोर्स को इलाके में तैनात किया गया है। हालांकि, चुनाव से ठीक पहले हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र में राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है और स्थानीय लोगों में डर का माहौल है।

