तेहरान/इस्लामाबाद |अमेरिका और इजराइल द्वारा दो सप्ताह के युद्ध विराम पर सहमति जताने के बाद अब ईरान ने भी शांति की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ईरान सरकार ने आधिकारिक घोषणा की है कि अमेरिका के साथ उसकी सीधी बातचीत शुक्रवार से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुरू होगी। इस खबर के बाद खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की आहट के बीच राहत का माहौल है।
ईरान का 10 सूत्री प्रस्ताव होगा चर्चा का केंद्र
ईरानी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अनुसार, यह बातचीत पूरी तरह से तेहरान द्वारा पेश किए गए 10 सूत्री प्रस्ताव पर आधारित होगी। ईरान की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
प्रतिबंधों की समाप्ति: ईरान पर लगे सभी आर्थिक और राजनीतिक प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाया जाए।
होर्मुज पर संप्रभुता: होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के नियंत्रण और वहां से होने वाले आवागमन के प्रबंधन को मान्यता दी जाए।
होर्मुज जलडमरूमध्य: दुनिया की लाइफलाइन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यह युद्ध विराम और समझौता तभी प्रभावी रहेगा, जब ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तुरंत और सुरक्षित रूप से खोल देगा।
होर्मुज का महत्व
यह संकरा जलमार्ग खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है।
दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का 20% (पांचवां हिस्सा) इसी रास्ते से गुजरता है।
28 फरवरी से ईरान द्वारा की गई नाकाबंदी के कारण वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और ईंधन की भारी किल्लत हो गई है।
ट्रंप की धमकी और शांति की पहल
यह बातचीत तब संभव हुई है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के बुनियादी ढांचे (बिजली संयंत्रों और पुलों) पर बमबारी की अपनी धमकी को दो हफ्ते के लिए टाल दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया है कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन अपने हितों से समझौता नहीं करेंगे। इस संघर्ष में ईरान के साथ हिजबुल्लाह और हूती विद्रोहियों की सक्रियता ने पहले ही तनाव को चरम पर पहुंचा दिया था, जिसे अब कूटनीति के जरिए सुलझाने की कोशिश की जा रही है।

